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Tata Motors demerge: टाटा मोटर्स की बनेंगी दो कंपनी, कारोबार को मिलेगी रफ्तार

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Tata Motors अपने यात्री वाहन और वा​णि​ज्यिक वाहन कारोबार को करेगी अलग

Last Updated- March 04, 2024 | 11:02 PM IST
Tata Motors

Tata Motors demerge: टाटा मोटर्स अपने कारोबार को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटने जा रही है। उसके निदेशक मंडल ने वा​णि​ज्यिक वाहन कारोबार और यात्री वाहन कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया। एक कंपनी में वा​णि​ज्यिक वाहन कारोबार और उससे जुड़ा निवेश रहेगा। दूसरी कंपनी यात्री वाहन की होगी, जिसमें इले​क्ट्रिक वाहन, जगुआर लैंडरोवर (जेएलआर) तथा उससे जुड़ा निवेश आएगा।

विश्लेषकों तथा उद्योग पर नजर रखने वालों का कहना है कि टाटा मोटर्स के लिए यात्री वाहन कारोबार और वाणिज्यिक वाहन कारोबार अलग-अलग करने का यही सही समय है क्योंकि इससे कंपनी पता कर पाएगी कि उसके इले​क्ट्रिक वाहन कारोबार की कीमत क्या है। मगर विश्लेषकों को ऐसा नहीं लगता कि इस कवायद का मकसद जेएलआर और इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार को अलग से सूचीबद्ध कराना है।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर टाटा मोटर्स को शेयर आज मामूली गिरावट के साथ 987.2 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी को अलग-अलग करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी वि​धि पंचाट (एनसीएलटी) की व्यवस्था के तहत लागू होगा और टाटा मोटर्स के सभी शेयरधारकों को उनके शेयरों के हिसाब से दोनों सूचीबद्ध इकाइयों में हिस्सेदारी दी जाएगी।

कारोबार को अलग-अलग इकाई में बांटने वाली एनसीएलटी की योजना भी कुछ महीनों में टाटा मोटर्स के बोर्ड के पास भेजी जाएगी। उसके बाद शेयरधारकों, ऋणदाताओं और नियामकों की मंजूरी ली जाएंगी। इस तरह कारोबार को अलग करने में 12 से 15 महीने लग सकते हैं। कंपनी ने कहा कि कारोबार को दो इकाइयों में बांटने से कर्मचारियों, ग्राहकों और कारोबार भागीदारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘पिछले कुछ साल में कंपनी में मजबूत बदलाव आया है। तीन वाहन कारोबार इकाइयां अब स्वतंत्र तरीके से काम कर रही हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। कारोबार को अलग करने से कंपनी बेहतर पूंजी के साथ कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी। इससे हमारे ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, कर्मचारियों के लिए विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी और शेयरधारकों के ​मूल्य में वृद्धि होगी।’

2021 से टाटा मोटर्स के तीन कारोबार – यात्री वाहन, जेएलआर और वा​णि​ज्यिक वाहन – अपने-अपने सीईओ की अगुआई में अलग-अलग काम कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि 2022 की शुरुआत में यात्री वाहन और ईवी कारोबार को सहायक इकाइयों में बांटा गया था, इसलिए कारोबार को अलग-अलग कंपनियों की शक्ल देना ही सही होगा।

इससे वे अपनी-अपनी रणनीतियों पर आगे बढ़ेंगे और तेजी से वृद्धि कर पाएंगे। डीआर चोकसी फिनसर्व के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, ‘इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार के लिए अलग इकाई बनाई गई है, जिसमें मॉडलों की संख्या बढ़ाने और वृद्धि करने के लिए 2 अरब डॉलर निवेश चाहिए। पूरा फायदा उठाना है तो यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन कारोबार को अलगे करने का यह सही समय है। टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार में जेएलआर, ईवी कारोबार और पेट्रोल-डीजल इंजन वाले यात्री वाहन शामिल हैं, जिन्हें देखकर निवेशक आएंगे।’

चोकसी ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2024 में जेएलआर तथा घरेलू यात्री वाहन कारोबार का कर पूर्व मुनाफा 20,000 से 22,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यात्री वाहन कारोबार मुनाफे में लौटा है।’ विश्लेषक कहते हैं कि वाणिज्यिक वाहन कारोबार चक्र में घूमता है यानी तेजी के बाद मंदी आती ही है। इसलिए यात्री कारोबार को अलग कंपनी बना दिया जाए तो निवेशकों को ज्यादा पसंद आएगा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटले शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘वाणिज्यिक वाहन कारोबार दो-तीन साल अच्छा प्रदर्शन करने के बाद दो या तीन साल कमजोर रहता है। इधर यात्री वाहन कारोबार में पिछली कुछ तिमाही में अच्छी तेजी आई है। अगर कंपनी अपने कारोबार के लिए कोई साझेदार लाना चाहती है तो वाणिज्यिक वाहन कारोबार साथ होने पर यह मुश्किल होगा क्योंकि यात्री कारोबार में दिलचस्पी रखने वाला कोई व्यक्ति वाणिज्यिक वाहन में निवेश शायद ही करना चाहेगा। वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी मामला कुछ ऐसा ही है।’

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First Published - March 4, 2024 | 11:02 PM IST

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