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लोन से कार खरीदने का बढ़ा चलन, 80 फीसदी तक कारों की खरीदारी फाइनैंस के जरिये

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Car sales : Hyundai और Tata Motors जैसी प्रमुख कार विनिर्माताओं ने भी 2019 के बाद फाइनैंस के जरिये बिक्री में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया है।

Last Updated- January 24, 2024 | 10:55 PM IST
car loan

भारतीयों के बीच ऋण लेकर कार खरीदने का चलन बढ़ रहा है। महामारी से पहले के मुकाबले अब अधिक से अधिक भारतीय ऋण लेकर कार खरीद रहे हैं। जैटो डायनामिक्स के आंकड़ों के अनुसार, भारत के यात्री वाहन बाजार में 2019 में 72 से 75 फीसदी कारों की खरीदारी फाइनैंस के जरिये की जाती थी। मगर 2023 में वह आंकड़ा बढ़कर 77 से 80 फीसदी हो गया है।

मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्या​धिकारी (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘तमाम बैंकों द्वारा फाइनैंस की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के अलावा ब्याज दरों में गिरावट और कार खरीदारों के लिए बैंकों द्वारा की जाने वाली नई पेशकश से भी बिक्री को बढ़ावा मिला है।

ग्रामीण बाजारों में कई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) इस क्षेत्र में उतर चुकी हैं। इसके अलावा बेड़ों का आकार बढ़ने से भी बिक्री को रफ्तार मिली है।’ बेड़ों की बिक्री में कंपनियों, संगठनों और सरकारी संस्थानों द्वारा कारों की खरीदारी शामिल है।

श्रीवास्तव ने कहा, ‘बेड़ों की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है जो हमारे लिए ही नहीं बल्कि पूरे उद्योग के लिए भी है। साल 2019 की हमारी कुल बिक्री में इसका योगदान 2 फीसदी से भी कम थी। मगर अब वह 10 से 12 फीसदी तक पहुंच चुका है। इस श्रेणी में 95 फीसदी कारों की बिक्री फाइनैंस के जरिये होती है। इसलिए बेड़ों के लिए बिक्री बढ़ने से फाइनैंस के जरिये होने वाली बिक्री स्वत: बढ़ जाती है।’

ह्युंडै और टाटा मोटर्स जैसी प्रमुख कार विनिर्माताओं ने भी 2019 के बाद फाइनैंस के जरिये बिक्री में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया है। ह्युंडै की कुल बिक्री में फाइनैंस वाली बिक्री की हिस्सेदारी 2019 में 65 से 70 फीसदी थी जो बढ़कर 2023 में 77 से 82 फीसदी हो गई है। इस दौरान टाटा मोटर्स का आंकड़ा 64 से 69 फीसदी से बढ़कर 71 से 76 फीसदी गया। इस मामले पर केवल मारुति ने बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

जैटो डायनामिक्स इंडिया के अध्यक्ष रवि भाटिया ने कहा कि वाहनों के दाम बढ़ने, ऋण की आसान उपलब्धता, मध्यवर्ग का विस्तार और आ​र्थिक ​​स्थिति में सुधार जैसे तमाम कारकों ने देश के यात्री वाहन बाजार में फाइनैंस की पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने कहा, ‘भारत में कारों की लागत लगातार बढ़ रही है जिससे एकमुश्त भुगतान के जरिये कार खरीदना मु​श्किल हो गया है। वाहन ऋण इस समस्या का समाधान करता है।’

श्रीवास्तव ने कहा कि मारुति के खरीदारों के लिए वाहन ऋण उपलब्ध कराने वाले बैंकों की तादाद 2018 के मुकाबले अब दोगुनी हो चुकी है। उनकी संख्या 6 से बढ़कर 13 हो चुकी है। इसी प्रकार एनबीएफसी की संख्या भी 6 से बढ़कर 8 हो गई है।

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First Published - January 24, 2024 | 10:55 PM IST

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