सीमेंट कंपनियों (Cement Companies) का हरित ऊर्जा मिश्रण वित्त वर्ष 2022-23 के 35 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 तक 40-42 प्रतिशत होने की संभावना है। इससे कम ऊर्जा लागत की वजह से सीमेंट कंपनियों को 1.4 से 1.6 प्रतिशत की बचत होगी। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
इक्रा रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख सीमेंट कंपनियां मिश्रित सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़ाकर अगले 8-10 वर्षों में अपने उत्सर्जन को 15-17 प्रतिशत तक कम करने पर विचार कर रही हैं। इसमें कम क्लिंकर का उपयोग होता है और अंतत: कम ईंधन की जरूरत होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इससे सौर, पवन और अपशिष्ट ताप पुनर्प्राप्ति प्रणाली (डब्ल्यूएचआरएस) क्षमताओं के मिश्रण के माध्यम से हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैकल्पिक ईंधन की ओर भी कदम बढ़ाया जा रहा है। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि मार्च, 2025 तक सीमेंट कंपनियों के कुल बिजली मिश्रण में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 40-42 प्रतिशत होगी, जो मार्च, 2023 में लगभग 35 प्रतिशत थी।
एजेंसी की उपाध्यक्ष अनुपमा रेड्डी के अनुसार, डब्ल्यूएचआरएस के लिए प्रति मेगावॉट स्थापना लागत 12 से 13 करोड़ रुपये और सौर संयंत्रों के लिए चार से साढ़े चार करोड़ रुपये है।