facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

निष्पक्ष, पारदर्शी नियामक बने सरकार: नारायणमूर्ति

Advertisement

मूर्ति ने बेंगलूरु टेक समिट में बातचीत के दौरान कहा, सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक बन जाना चाहिए।

Last Updated- November 30, 2023 | 6:59 AM IST
Narayana Murthy cautions the public not to fall prey to deep fake videos

इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति ने कहा है कि मुक्त बाजार और उद्यमिता पर आधारित पूंजीवाद ही भारत व किसी अन्य देश में गरीबी समाप्त करने का एकमात्र समाधान है। ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत संग बातचीत में नारायणमूर्ति ने ये बातें कही।

मूर्ति ने बेंगलूरु टेक समिट में बातचीत के दौरान कहा, सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक बन जाना चाहिए। उद्यमिता के मामले में उन्हें अहसास होना चाहिए कि वे पूंजीवाद को आगे बढ़ाने वाले हैं क्योंकि भारत में पूंजीवाद मोटे तौर पर काफी नया है।

उद्यमी के लिए मुक्त बाजार की मांग पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अपने उद्यम के परिचालनके लिएउन्हें निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवावदेही लानी होगी। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जब वे फैसला लें तो कंपनी के निचले स्तर के कर्मचारी भी उनके फैसले से बेहतर स्थिति में पहुंचे।

मूर्ति ने कहा कि विभिन्न वर्षों में वह भ्रमित वामपंथी से वैसे पूंजीवादी बने जहां कमाई ज्यादा हो, लोगों को भरपूर मदद मिले आदि। पूंजीवाद को आगे बढ़ाने की खातिर नागरिकों को उच्च स्तर की कराधान व्यवस्था के तहत कर चुकाना होगा और विकसित देशों के मुकाबले विकासशील देशों में ज्यादा कराधान होना चाहिए।

मूर्ति ने सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना की है और इसे सही दिसा में उठाया गया कदम बताया है। समय की जरूरत यह है कि बच्चों का दिमाग स्वतंत्र रूप से सोच सके, सक्रियता से सुने और कक्षा में हमारे इर्दगिर्द की समस्या को लेकर उसने क्या सीखा और उसके समाधान के बारे में सोचे।

मूर्ति ने कहा कि बेंगलूरु देश की तकनीकी राजधानी है, जो 75 अरब डॉलर के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में करीब 35-37 फीसदी का योगदान करता है। हालांकि इस शहर को और आकर्षित बनाने के लिए राज्य को अंग्रेजी माध्यम के और स्कूल खोलने के लिए सुविधा देनी चाहिए। समान रूप से यहभी जरूरी है कि शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार हो। उन्होंने त्वरित फैसले लेने के मामले में चीन का उदाहरण सामने रखा।

Advertisement
First Published - November 30, 2023 | 6:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement