संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घटना को गंभीर करार देते हुए कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है तथा संसद की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है।
बिरला ने लोकसभा में कूदने वाले व्यक्तियों को रोकने और दबोचने में मुस्तैदी एवं निडरता दिखाने के लिए सांसदों, सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। सदन में कूदने वालों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है।
बसपा के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने कहा कि सागर शर्मा का पास मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की अनुशंसा पर बना था। विपक्षी दलों ने इस विषय पर सरकार से जवाब और संसद की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।
विपक्षी दल चिंतिंत, जांच की मांग
विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को संसद की सुरक्षा में भारी चूक को लेकर चिंता जताई और मामले की जांच के साथ-साथ नए भवन में भी पुराने भवन की तरह सख्त सुरक्षा कदम उठाने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने इस घटना की तुलना अपनी पार्टी सहयोगी महुआ मोइत्रा के निष्कासन से की और उन भाजपा सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को संसद में प्रवेश करने के लिए पास दिलाने में मदद की थी।
घटना में शामिल दो लोगों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन के रूप में हुई है। शर्मा मैसूरु से लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा की अनुशंसा के आधार पर मिले पास के जरिये दर्शक दीर्घा तक पहुंचा था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कुछ नेताओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमियों की ओर इशारा किया।
बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विभिन्न दलों के नेताओं ने घटना की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बात सार्वजनिक थी कि एक आतंकवादी संगठन 13 दिसंबर को संसद पर हमला करने की योजना बना रहा है और इसकी जानकारी सरकार को भी थी, फिर भी यह सुरक्षा चूक कैसे हो गई।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि महुआ मोइत्रा को एक बाहरी व्यक्ति के साथ संसद लॉगिन साझा करने के लिए निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन आज तीन सांसदों ने इन लोगों (आरोपी) को पास दिलाने में मदद की। क्या यह सुरक्षा चूक नहीं है?’
तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने संसद के अंदर की घटना को ‘आतंकवादी गतिविधि’ करार दिया और जानना चाहा कि क्या सुरक्षा चूक का कोई खालिस्तानी लिंक है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर संसद की सुरक्षा समीक्षा की बात कर सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या 6 आरोपियों को किसी व्यक्ति या संगठन ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने का निर्देश दिया था: पुलिस सूत्र। संसद की सुरक्षा में सेंध सुनियोजित थी; 6 आरोपी एक-दूसरे को 4 साल से जानते थे, कुछ दिन पहले रची थी साजिश, टोह ली थी।