facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भारत में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना को मंजूरी

Last Updated- June 01, 2023 | 12:01 AM IST
anurag thakur
PTI

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण क्षमता बनाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी। इस योजना का मकसद देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, फसल नुकसान को कम करना और किसानों को संकट के समय में की जाने वाली बिक्री पर रोक लगाना है।

सरकार अगले 5 वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 700 लाख टन अनाज भंडारण क्षमता बनाने की योजना बना रही है। सरकार ने कहा कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंत्रिमंडल की बैठक में किये गये निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने सहकारिता क्षेत्र में ‘दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ को मंजूरी दे दी है।

निवेश के बारे में उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ‘लगभग एक लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ’ शुरू होगा। योजना के तहत प्रत्येक प्रखंड में 2000 टन क्षमता का गोदाम स्थापित किया जाएगा। इससे सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, क्योंकि प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) खाद्यान्न भंडारण में विविधता ला सकती हैं।

देश में एक लाख पैक्स हैं, जिनमें से लगभग 63,000 परिचालन में हैं। ठाकुर ने कहा कि देश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 3,100 लाख टन है, जबकि भंडारण क्षमता कुल उत्पादन का केवल 47 प्रतिशत ही है। उन्होंने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, भंडारण क्षमता उत्पादन की मात्रा से कहीं अधिक होती है।

वित्तपोषण के स्रोत के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों में उपलब्ध कोष का उपयोग इसके लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में, देश में अनाज भंडारण क्षमता फिलहाल 1,450 लाख टन है। अब सहकारिता क्षेत्र में 700 लाख टन की भंडारण क्षमता को स्थापित किया जाएगा।

इससे कुल भंडारण क्षमता बढ़कर 2,150 लाख टन हो जाएगी। क्षमता निर्माण के लाभों के बारे में, मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता के निर्माण से खाद्यान्न की बर्बादी कम होगी और देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

इससे खरीद केंद्रों तक अनाज की ढुलाई और फिर गोदामों से राशन की दुकानों तक स्टॉक ले जाने में जो लागत आती है, उसमें भारी कमी आएगी। एक मंत्रिमंडल ने कृषि मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं को जोड़ते हुए ‘सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ की सुविधा के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति के गठन को मंजूरी दी।

योजना का समयबद्ध और एकसमान कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता मंत्रालय विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के कम से कम 10 चयनित जिलों में पायलट आधार पर परियोजना लागू करेगा।

First Published - May 31, 2023 | 11:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट