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जोरदार उछाल के बाद अब धीमी रफ्तार, FY27 में कमर्शियल वाहनों की वृद्धि धीमी पड़ने के आसार

फाडा के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 26 में वाणिज्यिक वाहन उद्योग की बिक्री लगभग 11.7 प्रतिशत बढ़कर 10,60,906 वाहनों तक पहुंच गई।

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अंजलि सिंह   
Last Updated- April 16, 2026 | 8:25 AM IST

देश का वाणिज्यिक वाहन उद्योग वित्त वर्ष 26 में जोरदार वापसी के बाद वित्त वर्ष 27 में नरम वृद्धि के दौर में प्रवेश कर सकता है। विश्लेषक बता रहे हैं कि चक्रीय रुकावटें और व्यापक आर्थिक माहौल की अनिश्चितताएं इस रफ्तार को धीमा कर सकती हैं।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 26 में वाणिज्यिक वाहन उद्योग की बिक्री लगभग 11.7 प्रतिशत बढ़कर 10,60,906 वाहनों तक पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 25 में 9,49,406 वाहनों की बिक्री हुई थी। ईवाई-पार्थनॉन में पार्टनर और फ्यूचर ऑफ मोबिलिटी लीडर सोम कपूर के अनुसार वित्त वर्ष 26 जोरदार सुधार वाला साल रहा।

अलबत्ता उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 27 में वृद्धि धीमी होकर एक अंक में ऊचे स्तर पर लगभग 6 से 7 प्रतिशत तक रहेगी। ऐसा किसी ढांचागत गिरावट के कारण नहीं, बल्कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मॉनसून से जुड़ी ग्रामीण मांग और व्यापक आर्थिक दबाव जैसे चक्रीय कारकों के कारण होगा।

कपूर ने कहा, ‘तेजी का यह दौर वित्त 26 में काफी हद तक पूरा हो चुका है। वित्त वर्ष 27 में भी वृद्धि जारी रहने की संभावना है, लेकिन और थोड़ी रफ्तार के साथ।’ उन्होंने कहा कि उद्योग में विस्तार की अब भी काफी गुंजाइश है और यह अभी अपने ढांचागत शिखर पर नहीं पहुंचा है।

इसी तरह की राय जताते हुए प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों के चक्र का अंदाजा लगाना मुश्किल रहता है, क्योंकि ये बुनियादी ढांचे पर होने वाले खर्च, माल ढुलाई की मांग और क्रेडिट की उपलब्धता से काफी करीब से जुड़े होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वित्त में सख्ती को देखते हुए एकदम से मंदी के बजाय, धीमी या स्थिर वृद्धि का की स्थिति लगती है।’ ऐसे माहौल में लगातार बढ़ती वृद्धि के बजाय, कमाई और बिक्री के ऊंचे स्तर को बनाए रखना ज्यादा अहम हो सकता है। यहां तक कि वित्त वर्ष 27 का प्रदर्शन स्तर बरकरार रखना भी कामयाबी माना जाएगा।

इक्रा की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीनियर और कॉर्पोरेट रेटिंग्स की को-ग्रुप हेड किंजल शाह ने कहा कि हालांकि वित्त वर्ष 26 में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली, लेकिन यह कुछ हद तक एक बारगी स्फूर्ति से प्रेरित थी।

उन्होंने कहा, ‘घरेलू वाणिज्यिक उद्योग ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 11.7 प्रतिशत की खासी वृद्धि दर्ज की, लेकिन यह बात भी ध्यान में रखनी जरूरी है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से वाणिज्यिक वाहनों पर लागू जीएसटी दरों में कमी के कारण हुई थी। ये दरें 22 सितंबर, 2025 से 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई थीं। लिहाजा, जीएसटी दरों में कटौती से मांग में जो इजाफा हुआ, उसमें धीरे-धीरे कमी आने के आसार हैं।’

First Published : April 16, 2026 | 8:25 AM IST