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Blinkit-Flipkart को चुनौती! Amazon Now के जरिए 100 शहरों में छाने की तैयारी

Amazon अगले पांच वर्षों में भारत में 35 अरब डॉलर निवेश कर ई-कॉमर्स, एआई, लॉजिस्टिक्स और क्विक कॉमर्स कारोबार को तेजी से विस्तार देने की तैयारी में है।

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पीरज़ादा अबरार   
Last Updated- June 08, 2026 | 7:45 AM IST

समीर कुमार अक्टूबर 2024 में एमेजॉन इंडिया के कंट्री मैनेजर बनकर भारत वापस आए। साल 2013 में एमेजॉन डॉट इन की शुरुआत करने में मदद के बाद देश में कंपनी के साथ यह उनका दूसरा कार्यकाल है। बेंगलूरु में पीरजादा अबरार के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स अब भी ‘शुरुआती दौर’ में हैं जहां इस क्षेत्र में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कुमार ने अपना नजरिया बताने के लिए क्रिकेट की मिसाल दी – मैच मैदान पर जीते जाते हैं, कमेंट्री बॉक्स में नहीं। संपादित अंश …

आप साल 2013 में एमेजॉन डॉट इन शुरू करने वाली मूल टीम का हिस्सा थे और अब आप इसको संभाल रहे हैं। भारत में 13 साल पूरे होने के आपके लिए क्या मायने हैं और इससे इस बाजार के प्रति एमेजॉन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के बारे में क्या जाहिर होता है?

यह पहले दिन से शुरू करने जैसा ही है। हमने 5 जून, 2013 को शुरुआत की थी और हमने लंबा सफर तय किया है। हम भारत का पसंदीदा स्टोर बन गए हैं। अगले पांच वर्ष में हम 35 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि दुनिया में कितनी कंपनियां भारत में इतना निवेश कर रही हैं। यह हमारे ई-कॉमर्स, परिचालन, एआई और विक्रेताओं पर किया जाएगा। यह भारत को लेकर हमारी प्रतिबद्धता है।

हमने इसी साल 100 शहरों और 1,000 माइक्रो-फुलफिलमेंट केंद्रों के साथ एमेजॉन नाउ की घोषणा की है। हमने अपने परिचालन में 2,800 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। हम नौकरियों में निवेश कर रहे हैं। हम पहले ही 20 लाख से अधिक नौकरियां पैदा कर चुके हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या 30 लाख से अधिक तक पहुंच जाएगी।

हमारे विक्रेता भारत से पहले ही 20 अरब डॉलर का कुल ई-कॉमर्स निर्यात कर चुके हैं। हमारा लक्ष्य साल 2030 तक इसे 80 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। हम भारत को लकेर बहुत आशावादी हैं।

उस 35 अरब डॉलर का एक बड़ा हिस्सा ई-कॉमर्स के बजाय एआई डेटा सेंटरों के लिए निर्धारित बताया जा रहा है। क्या भारत एमेजॉन के लिए मुख्य रूप से एआई बुनियादी ढांचे का मामला है या खुदरा और कॉमर्स कारोबार अब भी मुख्य इंजन बना हुआ है?

हम अपने कारोबार के सभी हिस्सों – प्राइम वीडियो, एमेजॉन पे, हमारी प्राइम पेशकश, चयन और हमारी एमेजॉन नाउ की रफ्तार की पेशकश में निरंतर निवेश कर रहे हैं।

हमारा बहुत सारा फुलफिलमेंट बुनियादी ढांचा पटना और कोच्चि जैसे छोटे शहरों में स्थापित किया जा रहा है। हमारे नवीनतम नाउ स्टोर अमृतसर, कोच्चि और विशाखापत्तनम में हैं। निश्चित रूप से एआई और बुनियादी ढांचे और डेटा सेंटरों में निवेश हो रहा है, लेकिन इससे समूची भारतीय कहानी को भी मदद मिलती है।

एमेजॉन नाउ 1,000 माइक्रो-फुलफिलमेंट केंद्रों के साथ 100 शहरों में विस्तार कर रहा है। लेकिन ब्लिंकइट पहले से ही 2,200 से अधिक डार्क स्टोर संचालित करती है और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने 800 का आंकड़ा पार कर लिया है। आपको कैसे लगता है कि आप यह अंतर पाट सकते हैं और आपका दृष्टिकोण किस तरह अलग है?

एमेजॉन में यह हमेशा पहला दिन होता है। ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स के मामले में यह अब भी काफी शुरुआती दौर है। हमारी सेवा हर तरह के सामान के लिए तेजी से काम करेगी। अगर आप किसी पार्टी में जा रहे हैं और तोहफा लेना भूल गए हैं, तो आप उसे एमेजॉन से मंगा सकते हैं क्योंकि हम उसे 10 मिनट में आप तक पहुंचा देंगे। लेकिन अगर आप पार्टी कर रहे हैं और आपको 50 बच्चों के लिए गुब्बारे, तोहफे, रिटर्न गिफ्ट और बर्तनों का पूरा सेट चाहिए, तो आप उसे भी एमेजॉन से मंगा सकते हैं और हम उसे अगले दिन आप तक पहुंचा देंगे।

प्राइम सदस्यों के बीच रफ्तार खरीदारी के व्यवहार को किस तरह बदल रही है और क्या प्राइम ग्राहक केवल अंडे और सब्जियों के लिए नहीं, बल्कि स्मार्टफोन जैसे अधिक कीमती चीजों के लिए तेजी से क्विक-कॉमर्स प्रतिस्पर्धियों की ओर जा रहे हैं?

भारत में हमारा प्राइम ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है। प्राइम ग्राहक एमेजॉन नाउ के साथ तीन गुना अधिक खरीदारी कर रहे हैं। फिलहाल एमेजॉन नाउ हर महीने 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। साल 2016 में प्राइम की शुरुआत के बाद से हमने वीडियो, विशेष पेशकशों और प्राइम डे जोड़ा है और यह हमारी तेज पेशकश के लिए भी खास अंतर बना हुआ है।

First Published : June 8, 2026 | 7:45 AM IST