आज का अखबार

CBDT ने किया स्पष्ट: 2017 से पहले के निवेश GAAR के दायरे से बाहर

कर विशेषज्ञों ने इस स्पष्टीकरण का स्वागत किया है। प्राइस वाटरहाउस ऐंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर तुषार सचदेव ने इसे एक व्यावहारिक कदम बताया

Published by
मोनिका यादव   
Last Updated- April 01, 2026 | 10:33 PM IST

निवेशक धारणा को बेहतर करने और कर निश्चितता प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 31 मार्च, 2026 को आयकर के नए और पुराने दोनों नियमों के तहत सामान्य कर बचावरोधी नियम (जीएएआर) में संशोधन किया है। अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि 1 अप्रैल, 2017 से पहले किए गए निवेश हस्तांतरण से होने वाली आय पर जीएएआर लागू नहीं होगा।

जीएएआर आयकर अधिनियम के तहत एक नियम है जो कर अधिकारियों को मुख्य रूप से कर बचाने के लिए की गई कृत्रिम व्यवस्थाओं को नजरअंदाज करने या बदलने की अनुमति देता है भले ही वे कागज पर कानूनी दिखती हों। इसे 2012 में पेश किया गया था लेकिन यह 1 अप्रैल, 2017 से प्रभावी हुआ।

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि 1 अप्रैल, 2017 को या उससे पहले किए गए निवेश के हस्तांतरण से होने वाली आय के लिए जीएएआर प्रावधानों को लागू नहीं किया जाएगा। इस संशोधन से जनवरी में टाइगर ग्लोबल मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पैदा हुई अनिश्चितता दूर होगी। यह जीएएआर पेश करते समय सरकार के मूल ग्रैंडफादरिंग उद्देश्य को मजबूत करता है।

ताजा अधिसूचना में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जीएएआर 1 अप्रैल, 2017 को या उससे पहले किए गए पुराने निवेश के हस्तांतरण (पूंजीगत लाभ) से होने वाली आय को कवर नहीं करेगी। साथ ही जीएएआर उन कर बचत व्यवस्थाओं पर लागू रहेगा जहां 1 अप्रैल, 2017 से पहले खरीदे गए शेयरों का हस्तांतरण शामिल है।

कर विशेषज्ञों ने इस स्पष्टीकरण का स्वागत किया है। प्राइस वाटरहाउस ऐंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर तुषार सचदेव ने इसे एक व्यावहारिक कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘यह निजी इक्विटी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक समुदाय के लिए जबरदस्त राहत है। इससे उनकी यह आशंका दूर होगी कि ऐतिहासिक फंड ढांचे और पिछले निकास को जीएएआर जांच के दायरे में लिया सकता है।’

एकेएम ग्लोबल के कर पार्टनर संदीप सहगल ने कहा, ‘यह संशोधन टाइगर ग्लोबल मामले में नतीजे को नहीं बदलता है। इसलिए जीएएआर ग्रैंडफादरिंग के संदर्भ में इसे लागू किए जाने की संभावना सीमित हो सकती है।’

बीडीओ इंडिया के पार्टनर (कॉरपोरेट कर) निरंजन गोविंदेकर ने आगाह किया कि सुरक्षा खास तौर पर उन निवेश के हस्तांतरण से होने वाली आय पर लागू होती है जहां पूंजीगत लाभ होता है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे निवेश के हस्तांतरण से प्रापत पूंजीगत लाभ के अलावा लाभांश आय जैसी अन्य आय जीएएआर जांच के अधीन हो सकती है।’

First Published : April 1, 2026 | 10:29 PM IST