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गैर-जरूरी आयात पर बड़ा बयान, गोयल ने साफ कहा सरकार की कोई कटौती योजना नहीं

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चालू खाते के घाटे पर नजर रखे हुए है, लेकिन गैर-जरूरी आयात घटाने की कोई योजना नहीं है और MSME को समय पर भुगतान पर जोर दिया जा रहा है।

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कृति अंबे   
Last Updated- May 22, 2026 | 9:30 AM IST

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि सरकार बाहरी स्थिति की निगरानी कर रही है और चालू खाते के घाटे (सीएडी) को नियंत्रित करने के लिए कई कदम विचाराधीन हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि गैर जरूरी आयात में कटौती की कोई योजना नहीं है।

गोयल ने एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार के सभी विभाग एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं। कई कदम विचाराधीन हैं। वैश्विक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हमें विश्वास और दृढ़ विश्वास है कि हम इस चुनौतीपूर्ण समय में भी विजेता बनकर उभरेंगे।’

गोयल ने कहा कि फिलहाल भारत में गैर-जरूरी आयात में कटौती करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन हमने निश्चित रूप से भारत के सभी नागरिकों से उन उत्पादों पर अपने खर्च के प्रति अधिक सचेत रहने की अपील की है, जो आयात पर निर्भर हैं।’

अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, रेमिटेंस में कमी और निर्यात वृद्धि में सुस्ती के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत का चालू खाते का घाटा काफी बढ़ सकता है।

आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में भारत का वस्तु आयात 6 महीने के उच्चतम स्तर 71.94 अरब डॉलर पहुंच गया। पिछले सप्ताह भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाया था और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए इन धातुओं के आयात पर अंकुश लगाने की घोषणा की, जो 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से पहले 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से 4 प्रतिशत से अधिक कम हो गया था।

बहरहाल 28 फरवरी के बाद से डॉलर के मुकाबले रुपये में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई है। गुरुवार को रुपया 65 पैसे मजबूत होकर 96.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि बुधवार को गिरकर रिकॉर्ड 96.86 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया था।

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए मंत्री ने भारत के उद्योगों से कहा कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) द्वारा की जा रही आपूर्ति के एवज में त्वरित भुगतान करें, जिससे कि नकदी का प्रवाह बरकरार रखा जा सके।

गोयल ने कहा, ‘मैं बड़ी कंपनियों से एक छोटा सा अनुरोध करना चाहूंगा। तकनीकी रूप से हमने तय किया है कि 45 दिनों में अनिवार्य रूप से सभी एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करना होगा। यदि आप में से प्रत्येक अपने एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को माल स्वीकृत होने के 7 दिन बाद भुगतान करने का निर्णय लेते हैं, तो आपके एमएसएमई आपूर्तिकर्ता को नकदी मिलेगी और वह तेजी से काम कर सकेंगे और आपको बेहतर सेवा दे सकेंगे।’

साथ ही मंत्री ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय और उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एमएसएमई क्षेत्र में तकनीक को बेहतर बनाने और कौशल विकास के लिए एक सामूहिक समन्वित कार्यक्रम बनाने पर काम कर रहे हैं।

भारत के व्यापार समझौतों पर चर्चा करते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने व्यापार समझौते पर बातचीत करने नई दिल्ली आने वाला है।

गोयल ने कहा, ‘भारत और अमेरिका वास्तव में स्वाभाविक साझेदार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यदि मैं अमेरिकी उद्योग से हुई विभिन्न प्रतिबद्धताओं पर एक नज़र डालूं तो पिछले छह महीनों में 60 अरब डॉलर से अधिक के समझौते हुए हैं।’

 पिछले साल अक्टूबर में गूगल ने भारत में एआई केंद्र स्थापित करने के लिए अगले 5 साल में 15 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी। इसमें अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर शामिल होगा।

इसी तरह पिछले महीने एमेजॉन इंडिया ने कहा कि वह देश भर में अपने परिचालन नेटवर्क को बढ़ावा देने और सहयोगी सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय कल्याण उपायों को मजबूत करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है। यह 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

(साथ में एजेंसियां)

First Published : May 22, 2026 | 9:30 AM IST