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EV दोपहिया बाजार में बड़ा उलटफेर, विडा ब्रांड के दम पर हीरो मोटोकॉर्प ने बढ़ाई हिस्सेदारी

कंपनी की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में महज 4.2 फीसदी थी जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के अंत में 10.3 फीसदी पर पहुंच गई। इस तरह उसने 6.1 फीसदी की तेज बढ़त दर्ज की गई

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- April 03, 2026 | 11:00 PM IST

इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में यह साल हैरान करने वाला रहा। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में पिछड़ी रही हीरो मोटोकॉर्प ने वित्त वर्ष 2025-26 में इलेक्ट्रिक दोपहिया में अपने विडा ब्रांड के जरिए सबसे ज्यादा बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। यह ब्रांड सभी प्रतिस्पर्द्धियों में आगे रहा। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में महज 4.2 फीसदी थी जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के अंत में 10.3 फीसदी पर पहुंच गई। इस तरह उसने 6.1 फीसदी की तेज बढ़त दर्ज की गई।

इस बढ़त का बड़ा हिस्सा तीन राज्यों- पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार- में शानदार बिक्री से आया। पश्चिम बंगाल में हीरो मोटोकॉर्प वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की सबसे बड़ी कंपनी बन गई। यहां उसकी बाजार हिस्सेदारी 24.4 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2025 के मुकाबले 15.4 फीसदी अधिक है। ओडिशा और बिहार में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 13 फीसदी और 10.4 फीसदी बढ़ी।

इस अवधि में दूसरी सबसे बड़ी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने का श्रेय एथर एनर्जी को मिला। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 की 11.4 फीसदी हिस्सेदारी को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026 में 17.1 फीसदी पर पहुंचा दिया यानी इसमें 5.7 फीसदी की वृद्धि हुई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में पांच प्रमुख राज्यों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। गुजरात में 9.7 फीसदी और महाराष्ट्र, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान में प्रत्येक में 7 फीसदी की बढ़त देखी गई।

लेकिन ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी एक साल में लगभग एक-तिहाई रह गई। उसकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 के 29.9 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2026 में सिर्फ 11.7 प्रतिशत रह गई। वित्त वर्ष 2026 में बजाज ऑटो को मामूली बढ़त मिली और बाजार हिस्सेदारी में महज 0.5 फीसदी का इजाफा हुआ। कंपनी को टीवीएस और हीरो जैसी कंपनियों से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है।

दिलचस्प यह है कि ऐसे नए राज्य जो पहले ईवी को अपनाने में पीछे थे, वे इस दौरान बड़े बाजार बनकर उभरे। मध्य प्रदेश ने पंजीकरण में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की और ये वित्त वर्ष 2025 के 73,400 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 55 फीसदी की बढ़त के साथ 113,500 हो गए। इस राज्य में ईवी अपनाने की दर भी सबसे ज्यादा बढ़ी और यह वित्त वर्ष 2025 के 5.9 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 8.6 फीसदी हो गई।

देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में दिल्ली और ओडिशा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दिल्ली में पंजीकरण में 51 फीसदी की बढ़त हुई और यह वित्त वर्ष 2025 के 27,200 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 41,200 हो गए। ओडिशा में वित्त वर्ष 2026 में 79,500 पंजीकरण हुए जो वित्त वर्ष 2025 की तुलना में 42 फीसदी अधिक हैं।

लेकिन इस क्षेत्र को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया अपनाने की दर 6.5 फीसदी रही जो वित्त वर्ष 2025 की 6.1 फीसदी से मामूली बढ़त है। यह सरकार के 2030 तक 35-40 फीसदी पहुंचाने वाले महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य से बहुत पीछे है। कुल इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण में भी इस अवधि में 21.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और ये 11.5 लाख से बढ़कर 14 लाख पर पहुंच गए।

वाहन के डेटा के अनुसार भारत के 9 राज्यों में वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन अपनाने की दर वित्त वर्ष 2025 की तुलना में घट गई। इन राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा प्रमुख हैं। इस गिरावट ने इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की तेजी और राज्यों की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

First Published : April 3, 2026 | 10:57 PM IST