आज का अखबार

स्टॉक मार्केट में सुस्ती: IT शेयरों की रिकॉर्ड तेजी पर फिरा पानी, बैंक शेयरों ने बाजार को गिराया

आईटी सेक्टर की शानदार तेजी को बैंकिंग शेयरों की गिरावट ने बेअसर कर दिया, जिससे अमेरिकी-ईरान तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को सपाट बंद हुआ

Published by
एजेंसियां   
Last Updated- May 19, 2026 | 9:53 PM IST

शेयर बाजारों में मंगलवार को ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। डॉलर मज़बूत होने से आईटी शेयरों की तेजी के बल पर बाजार में जो बढ़त हुई थी, उसका असर बैंक शेयरों में गिरावट ने खत्म कर दिया। इस बीच, निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच किसी संभावित समझौते को लेकर स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे थे। निफ्टी 0.14 फीसदी गिरकर 23,618 पर बंद हुआ जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.15 फीसदी फिसलकर 75,200.85 पर आ गया।

16 प्रमुख सेक्टरों में से नौ में बढ़त दर्ज की गई। स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांकों में क्रमशः 1.2 फीसदी और 0.9 फीसदी की उछाल आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के शांति प्रस्ताव भेजने के बाद उन्होंने उस पर तय किए गए हमले रोक दिए हैं।

अरिहंत कैपिटल मार्केट्स में इंस्टिट्यूशनल बिजनेस की प्रमुख अनीता गांधी ने कहा, हमें निफ्टी 50 इंडेक्स को मौजूदा स्तरों के आसपास कुछ समर्थन मिलता दिख रहा है। लेकिन निवेशकों को एक स्पष्ट दिशा के लिए इस बारे में थोड़ी और निश्चितता की जरूरत है कि ईरान युद्ध किस ओर जा रहा है।

आईटी सेक्टर का बेंचमार्क निफ्टी 50 में तीसरा सबसे ज्यादा वेटेज है और इसमें 3.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। लिहाजा, तीन सत्र में इसकी कुल बढ़त 7.1 फीसदी पर पहुंच गई। विश्लेषकों ने आईटी शेयरों में इस बढ़त की वजह हाल में आई तेज गिरावट के बाद कम कीमत पर शेयर खरीद और मजबूत डॉलर को बताया। इस सेक्टर की ज्यादातर कमाई अमेरिका से होती है और निवेशक अब फेडरल रिजर्व की पिछली नीतिगत बैठक के दस्तावेज का इंतजार कर रहे हैं।

2026 में आईटी इंडेक्स अब तक 22.6 फीसदी नीचे है। भारत के 16 प्रमुख सेक्टरों में यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध ने बाहरी दबाव बढ़ाना जारी रखा। इस वजह से रुपया लगातार छठे दिन डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर चला गया।

अलग-अलग शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में में 0.8-0.8 फीसदी की गिरावट आई, जिससे प्राइवेट बैंकों का इंडेक्स 0.7 फीसदी नीचे आ गया। तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में 2 से 3.4 फीसदी तक की तेजी आई क्योंकि देश में एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग एक रुपये की बढ़ोतरी की गई।

अदाणी समूह के शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ने इस समूह के अरबपति मालिक गौतम अदाणी के ख़िलाफ़ आपराधिक धोखाधड़ी के आरोपों को ख़ारिज करने की दिशा में कदम उठाया। साथ ही उनकी एक कंपनी से जुड़े ईरान पर लगे प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन का मामला भी सुलझा लिया गया।

First Published : May 19, 2026 | 9:49 PM IST