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कीमत होड़ से बचेगी नोवो नॉ​र्डिस्क, जेनेरिक दवाओं के आने से कीमतों में गिरावट की संभावना

मोटापा और मधुमेह की दवा सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म होने वाला है और इसकी जेनेरिक दवा अगले कुछ दिनों में भारतीय बाजार में दस्तक देने की तैयारी में है

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अंजलि सिंह   
Last Updated- March 17, 2026 | 10:32 PM IST

मोटापा और मधुमेह की दवा सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म होने वाला है और इसकी जेनेरिक दवा अगले कुछ दिनों में भारतीय बाजार में दस्तक देने की तैयारी में है। इस बीच सेमाग्लूटाइड दवा का विकास करने वाली कंपनी नोवो नॉर्डिस्क का कहना है कि वह जेनेरिक विनिर्माताओं द्वारा काफी कम दाम पर दवा लाने की उम्मीद के बावजूद कीमत की जंग में शामिल नहीं होगी।

नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रांत श्रोतिया के अनुसार इस खंड में प्रतिस्पर्धा सबसे कम कीमत के बजाय वैज्ञानिक प्रमाण, विनिर्माण गुणवत्ता और चिकित्सकों के विश्वास से जुड़ा होगा।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि एक बार जब सेमाग्लूटाइड के कई जेनेरिक संस्करण बाजार में आ जाएंगे तो कीमतें तेजी से गिरेंगी और नोवो नॉर्डिस्क की दवा की तुलना में यह 60 से 70 फीसदी तक सस्ती हो सकती है।

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सन फार्मास्युटिकल, जायडस लाइफसाइंसेज, एल्केम लेबोरेटरीज और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सहित दर्जन भर से ज्यादा दवा कंपनियों के पेटेंट खत्म होने के पहले दिन से बाजार में उतरने की उम्मीद है। नोवो नॉर्डिस्क का मानना है कि वास्तविक अवसर आक्रामक मूल्य निर्धारण के जरिये बाजार हिस्सेदारी की रक्षा करने के बजाय भारत में मोटापे के उपचार के बाजार का विस्तार करने में निहित है।

श्रोतिया ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा, ‘दवा को लेकर शोर-शराबा उपचार ले रहे मरीजों की संख्या से कहीं अधिक है। भारत में लगभग 25 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हैं मगर आज मुश्किल से लगभग 2 लाख मरीज ही यह दवा ले रहे हैं।’

सेमाग्लूटाइड जीएलपी-1 आधारित उपचार का उपयोग टाइप-2 मधुमेह और मोटापा दोनों के लिए किया जाता है और यह दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली दवा श्रेणी में शामिल हो गई है। इस मॉलिक्यूल को नोवो नॉर्डिस्क द्वारा ओजेम्पिक, वेगोवी और रायबेल्शस जैसे ब्रांड के तहत बेचा जाता है और इसे मोटापा-रोधी दवाओं की बिक्री बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। श्रोतिया ने कहा कि यह विज्ञान की लड़ाई है, न कि उपभोक्तावाद की। कंपनी का कहना है कि इस दवा को 50 से अधिक क्लिनिकल परीक्षणों द्वारा साबित किया गया है।

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श्रोतिया ने कहा कि पेटेंट खत्म होने से पहले ही भारतीय बाजार के लिए इसके दाम कम किए जा चुके हैं। कंपनी ने देश भर में पहुंच का विस्तार करने के लिए घरेलू फर्मों के साथ अपनी साझेदारियों को भी बढ़ाया है। भारत में कंपनी ने सेमाग्लूटाइड के लिए टॉरेंट फार्मा और एबट सहित अन्य कंपनियों के साथ सह-विपणन और वितरण का करार किया है।

First Published : March 17, 2026 | 10:13 PM IST