दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एनवीडिया कॉर्प का बाजार पूंजीकरण तेज़ी से भारत के पूरे शेयर बाजार के बराबर पहुंच रहा है जो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की मौजूदा तेज रफ्तार को दिखाता है। एक साल पहले एआई चिप बनाने वाली इस कंपनी का मूल्यांकन भारत के कुल बाजार पूंजीकरण के आधे से भी कम था। तब से रिकॉर्ड तोड़ कमाई और अपनी चिप की अभूतपूर्व मांग के चलते आई जबरदस्त तेजी ने एनवीडिया के मूल्य को उस स्तर तक पहुंचा दिया है, जो 4,000 से ज्यादा सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण के करीब बराबर है।
31 मार्च तक एनवीडिया का मूल्यांकन 4.24 लाख करोड़ डॉलर था, जो भारत के कुल बाजार पूंजीकरण 4.37 लाख करोड़ डॉलर से सिर्फ 3 फीसदी कम है। खास बात यह है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हे भू-राजनीतिक तनावों का एनवीडिया पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कंपनी 25 फरवरी को 4.75 लाख करोड़ डॉलर के अपने उच्चतम बाजार पूंजीकरण तक पहुंच गई थी और अभी उस स्तर से करीब 10 फीसदी नीचे है।
इसके विपरीत, भारत का बाजार पूंजीकरण अपने उच्चतम स्तर से करीब 20 फीसदी गिर गया है। मार्च में विदेशी फंडों की रिकॉर्ड बिकवाली से इसमें 1 लाख करोड़ डॉलर से भी ज्यादा की गिरावट आई है।
फ्री-फ्लोट आधार पर एनवीडिया का बाजार पूंजीकरण भारत के एमकैप से लगभग दोगुना से भी ज्यादा है। यह बात ग्लोबल इंडेक्स में इसके काफी ज्यादा वेटेज से साफ ज़ाहिर होती है। एमएससीआई ऑल कंट्री वर्ल्ड इंडेक्स (एसीडब्ल्यूआई), जिसमें 23 विकसित और 24 उभरते बाजारों की कंपनियां शामिल हैं, में एनवीडिया का वेटेज सबसे ज्यादा यानी 4.4 फीसदी है, जो भारत के वेटेज से तीन गुना से भी ज्यादा है।