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ओला इलेक्ट्रिक को बड़ा झटका! रेवेन्यू 57% गिरा, घाटा अब भी बरकरार

ओला इलेक्ट्रिक के राजस्व और बिक्री में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि जुबिलेंट फूडवर्क्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और ग्रासिम जैसी कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए।

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बीएस संवाददाता   
भाषा   
Last Updated- May 21, 2026 | 10:26 AM IST

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने 31 मार्च को खत्म तिमाही में 500 करोड़ रुपये का कुल शुद्ध घाटा दर्ज किया। यह एक साल पहले के 870 करोड़ रुपये के घाटे से 42.5 फीसदी कम है। हालांकि तिमाही आधार पर दिसंबर तिमाही के मुकाबले घाटा 2.7 फीसदी बढ़ गया। दिसंबर तिमाही में घाटा 487 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान परिचालन राजस्व में 56.6 फीसदी की कमी आई और यह 265 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल 611 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व था। दिसंबर तिमाही के 470 करोड़ रु. के मुकाबले यह 43.6 फीसदी कम है। कुल आय भी 58.2 फीसदी घटकर 304 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल 728 करोड़ रुपये थी। मार्च तिमाही में कुल खर्च 58.2 फीसदी घटकर 546 करोड़ रुपये रहा जो एक वर्ष पहले 1,306 करोड़ रुपये था।

हालांकि इससे पिछली तिमाही के 741 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 26.3 फीसदी कम हुआ। कर्मचारी लाभ खर्च 58 करोड़ रुपये और अन्य खर्च 325 करोड़ रुपये रहे।  वित्त वर्ष 2026 में ओला इलेक्ट्रिक का परिचालन राजस्व 2,253 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के 4,514 करोड़ रुपये से 50.1 फीसदी कम है। सालाना शुद्ध घाटा 19.5 फीसदी घटकर 1,833 करोड़ रुपये रहा जबकि कुल खर्च 3,245 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 6,253 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 का उसके लिए फिर से व्यवस्थित होने वाला वर्ष था। इसमें सेवा, मॉडल की गुणवत्ता, सकल मार्जिन, परिचालन लागत, नकदी में अनुशासन, बिक्री उत्पादकता और सेल विनिर्माण जैसी बुनियादी बातों को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक ने 20,256 वाहन और पूरे वित्त वर्ष 2026 में 1,73,794 वाहनों को डिलीवर किया। चौथी तिमाही का समेकित सकल मार्जिन 38.5 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 का 30.6 फीसदी रहा।

जुबिलेंट फूडवर्क्स का लाभ 67 प्रतिशत बढ़ा

डोमिनोज जैसे ब्रांड का संचालन करने वाली जुबिलेंट फूडवर्क्स का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 67 प्रतिशत बढ़कर 82.42 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में कंपनी का मुनाफा 49.33 करोड़ रुपये रहा था।
रेस्तरां श्रृंखला चलाने वाली जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड (जेएफएल) ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय 2,499.46 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 2,095.02 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में कुल खर्च 2,028.97 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,401.46 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दो रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 1.2 रुपये के लाभांश की सिफारिश की है, जो आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।

अपोलो हॉस्पिटल्स को 529 करोड़ रुपये का मुनाफा

अग्रणी अस्पताल चेन अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज (एएचईएल) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के 390 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 529 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी ने बताया कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से लगातार मजबूत परिचालन रफ्तार और हेल्थकेयर सेवाओं में मजबूत मांग के कारण हुई है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान कंपनी के राजस्व में भी 18 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के 5,592 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 6,605 करोड़ रुपये हो गया।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 1,942 करोड़ रुपये रहा। यह वित्त वर्ष 2025 के 1,446 करोड़ रुपये के मुकाबले 34 प्रतिशत ज्यादा है। इसका राजस्व भी 16 प्रतिशत बढ़कर 25,229 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 21,794 करोड़ रुपये था। कंपनी का समेकित एबिटा सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 3,769 करोड़ रुपये हो गया।

ग्रासिम का मुनाफा 27.8 प्रतिशत बढ़ा

आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही का मुनाफा 27.9 प्रतिशत बढ़कर 3,802.23 करोड़ रुपये हो गया। यह बढ़ोतरी कंपनी के निर्माण सामग्रियों, वित्तीय सेवाओं के कारोबार में आई तेजी की वजह से हुई। ग्रासिम इंडस्ट्रीज (जो अल्ट्राटेक, आदित्य बिड़ला कैपिटल और आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स जैसी ग्रुप कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है) ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी।
First Published : May 21, 2026 | 10:26 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)