केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को रद्द करने और इसकी जगह ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार ऐंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ या वीबी-जी राम जी नाम के एक नया रोजगार कानून लाने का फैसला किया है। नए कानून में अनिवार्य कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 करने और मौजूदा फंडिंग […]
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सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती लागू किए जाने के बाद खपत में और बढ़ोतरी देखी गई है तथा यह असर कुछ तिमाहियों तक जारी रहने की संभावना है। उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों ने यह अनुमान जताया है। इन कंपनियों का कहना है कि मांग पर पहले से ही कुछ […]
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वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 54 अंक की गिरावट रही जबकि निफ्टी 20 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बनी […]
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पिछले दो साल से ज्यादा समय से ऊंची कीमतों की वजह से विश्लेषक मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंटों को लेकर सतर्कता बरत रहे थे। लेकिन अब इन सेगमेंट को एक फंड हाउस से सकारात्मक संभावना मिली है। मिरे ऐसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) ने सोमवार को कहा कि मिड और स्मॉलकैप सेगमेंट में हाई-क्वालिटी और सेक्टर की […]
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दवा कंपनी कोरोना रेमेडीज का शेयर सोमवार को पहले कारोबारी दिन 34 फीसदी चढ़ गया। कंपनी का शेयर 1,422 रुपये पर बंद हुआ जो उसके 1,062 रुपये के निर्गम भाव की तुलना में 360 रुपये या 34 फीसदी अधिक है। शानदार आगाज वाले इस आईपीओ को 144 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी के आईपीओ […]
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पिछले एक वर्ष के वैश्विक आर्थिक रुझानों को सबसे अधिक आकार देने वाली ताकत थी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा व्यापार नीति में बदलाव का निर्णय तथा शुल्क लगाने पर ध्यान केंद्रित करना। लेकिन अगर उनका इरादा यह था कि वह दुनिया की निर्यात महाशक्ति चीन को वैश्विक बाजारों से पीछे हटने पर विवश करेंगे […]
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पिछले कुछ हफ्तों के दौरान दिल्ली और देश के अन्य महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण ने भारतीय नीति निर्माताओं को एक ऐसे विषय का सामना करने के लिए विवश कर दिया है जिसकी वे अक्सर अनदेखी करते रहे हैं। वह विषय है कुल उत्सर्जन पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत न कि केवल अर्थव्यवस्था की […]
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भारत के राजकोषीय संघवाद में सामाजिक सेवाएं प्रदान करना राज्यों का मुख्य उत्तरदायित्व है। आर्थिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं। मगर बात जब राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन के मूल्यांकन की होती है तो ध्यान हमेशा उनके घाटे और कर्ज पर रहता है और उनके सार्वजनिक व्यय […]
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते सप्ताह बहुप्रतीक्षित परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके जरिये सार्वजनिक दबदबे वाले उद्योग को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया गया है। दरअसल, सरकार का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा के लिए 2047 तक 100 गीगावॉट की क्षमता हासिल करना है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने के […]
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने आगामी आम बजट 2026-27 के लिए व्यापक सुधारों का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक, निजी और विदेशी निवेशों को शामिल करते हुए सतत निवेश वृद्धि को बढ़ावा देना और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की गति को बनाए रखना है। सीआईआई ने […]
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