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पेट्रोल महंगा, EV की डिमांड बेकाबू! Tata Motors की बुकिंग 2.5 गुना बढ़ी

बढ़ती तेल कीमतों और ऊर्जा अनिश्चितता के बीच भारत में EV की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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दीपक पटेल   
Last Updated- May 29, 2026 | 7:47 AM IST

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग 2 से 2.5 गुना तक बढ़ चुकी है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड अगले 3 से 4 महीने के दौरान अपनी ईवी उत्पादन क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाकर 15,000 वाहन प्रति माह करने की योजना बना रही है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कलपुर्जों के आपूर्तिकर्ता कितनी जल्दी उत्पादन बढ़ा सकते हैं। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी शैलेश चंद्र ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

इस बीच चंद्र ने ई20 से और अधिक एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल की दिशा में बढ़ने की योजना पर चिंता जताई। ई20 ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। यह इस साल की शुरुआत में देश में अनिवार्य हो गया था। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की वजह से सरकार आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए अधिक एथनॉल मिश्रण का मूल्यांकन कर रही है। भारत कच्चे तेल की अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है।

चंद्र ने कहा कि अधिक एथनॉल से ईंधन दक्षता कम हो जाएगी क्योंकि एथनॉल में पेट्रोल के मुकाबले कम ऊर्जा तत्व होते है। साथ ही जिन वाहन पुर्जों को ऐसे मिश्रण के लिए डिजाइन नहीं किया गया है, वे नमी के अधिक अंश के कारण तेजी से खराब हो सकते हैं। अलबत्ता उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के लिए एथनॉल मिश्रण के व्यापक उद्देश्य का समर्थन किया और कहा कि सरकार निर्णय लेने से पहले वाहन विनिर्माताओं से परामर्श कर रही है।

उन्होंने फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर जीएसटी में कटौती की मांग का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसके बजाय ईंधन की कीमतें कम करने की दिशा में उपभोक्ताओं की मदद की जानी चाहिए। फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां ऐसे ईंधन मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन की जाती हैं, जिसमें 85 से 100 प्रतिशत तक एथनॉल होता है।

चंद्र ने टाटा टियागो और टियागो ईवी के फेसलिफ्टेड मॉडलों के लॉन्च के मौके पर मीडिया बातचीत के दौरान कहा, ‘हमने ईवी की बुकिंग में तेज उछाल देखी है। कम से कम हमारे मामले में, केवल दो महीने में। यह पहले के मुकाबले 2 से 2.5 गुना उछाल है।’

उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में दिलचस्पी ‘और भी बढ़ी’ है और यह 15 लाख से कम कीमत वाले ईवी के मामले सबसे अधिक है। उनके अनुसार कई उपभोक्ता अब बढ़ती ईंधन कीमतों और अनिश्चित ऊर्जा लागत से मुकाबला करने के लिए सुरक्षा के रूप में अपने घरों में कम से कम एक ईवी चाहते हैं।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स वर्तमान में हर महीने लगभग 10,000 ईवी का उत्पादन करती है। चंद्र ने कहा कि कंपनी अगले 3 से 4 महीने के दौरान इसे बढ़ाकर प्रति माह 15,000 ईवी करने की कोशिश करेगी। अलबत्ता आपूर्तिकर्ताओं की तत्परता से तय होगा कि ऐसा कितनी जल्दी होता है।

First Published : May 29, 2026 | 7:47 AM IST