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यह बाजारों से निराश होने का समय नहीं: जियो ब्लैकरॉक CIO ऋषि कोहली

मूल्यांकन अब ऐसे स्तरों पर पहुंच रहे हैं जो आकर्षक लग रहे हैं। लेकिन यह एक अलग सवाल है कि क्या निवेशकों को पूरी तरह से निवेश कर देना चाहिए

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पुनीत वाधवा   
Last Updated- March 18, 2026 | 9:42 PM IST

पश्चिम एशिया की लड़ाई के बीच बाजारों में अनिश्चितता के माहौल में जियो ब्लैकरॉक एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी ऋषि कोहली ने नई दिल्ली में पुनीत वाधवा को दिए साक्षात्कार में बताया कि मौजूदा बाजार गिरावट रूस-यूक्रेन चरण से मिलती-जुलती है, न कि कोविड के दौर से। कोविड महामारी के दौरान लगभग सभी सेक्टर एक साथ गिरे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह भी है कि बाजार में बॉटम (न्यूनतम स्तर) का अनुमान लगाने के बजाय, शेयर चयन अधिक महत्त्वपूर्ण होगा। बातचीत के मुख्य अंश:

क्या शेयर बाजारों में निवेश करने का यह सही समय है?

मूल्यांकन अब ऐसे स्तरों पर पहुंच रहे हैं जो आकर्षक लग रहे हैं। लेकिन यह एक अलग सवाल है कि क्या निवेशकों को पूरी तरह से निवेश कर देना चाहिए, क्योंकि (भू-राजनीतिक) स्थिति अभी भी साफ नहीं है। जब युद्ध शुरू हुआ, तो अधिकांश लोगों ने सोचा था कि यह कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा। ऐसा नहीं हुआ। हमारा मानना था कि यह लंबा खिंच सकता है क्योंकि ईरान ऐसे हालात के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहा था। उस तैयारी के कारण हम जो प्रतिक्रिया देख रहे हैं, वह चौंकाती नहीं है।

कुछ लोगों के अनुसार संघर्ष कुछ और सप्ताह चल सकता है, या यह और भी ज्यादा लंबा खिंच सकता है। सच तो यह है कि हमें भी नहीं पता। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और ‘प्रतीक्षा करो और देखो’ की रणनीति अपनानी चाहिए।

क्या मौजूदा अनि​श्चितता से निवेशकों के लिए कोविड जैसे अवसर पैदा हुए हैं?

यह संभवतः कोविड स्थिति के बजाय रूस-यूक्रेन के हालात जैसा है। पिछले 18 महीनों की अस्थिरता के दौरान बाजार का रुख उस अवधि जैसा दिखता है। कच्चे तेल में वृद्धि और क्षेत्रवार दबाव भी वैसे ही दिखते हैं। कोविड के दौरान गिरावट बहुत तेज और सभी क्षेत्रों में हुई थी। इस तरह की बड़ी गिरावट इस समय मुझे नहीं लगती।

अगर भू-राजनीतिक स्थिति ज्यादा बिगड़ती है, जैसे अन्य प्रमुख देश इसमें शामिल हो जाते हैं तो बाजार में गिरावट गहरा सकती है। वरना तो वर्तमान स्थिति रूस-यूक्रेन परिवेश के करीब ज्यादा लगती है। बाजार के न्यूनतम स्तर के बजाय शेयरों का चयन अधिक महत्त्वपूर्ण होगा।

वित्त वर्ष 2027 की अगली दो तिमाहियों के लिए कमजोर कॉरपोरेट आय को बाजार किस हद तक ध्यान में रख रहे हैं?

इसका कुछ प्रभाव पड़ेगा और कुछ सेक्टर निश्चित ही प्रभावित होंगे। पहले, हम अगले वित्त वर्ष के लिए लगभग 12 प्रतिशत आय वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब यह घटकर लगभग 9-10 प्रतिशत रह सकती है। पहले उम्मीद थी कि मार्च के बाद, बाजार अगले 18 महीनों के लिए बहुत तेजी वाले चरण में प्रवेश कर सकते हैं, जिसमें अप्रैल मौसमी रूप से और मजबूत हो जाएगा। मैं अभी भी मोटे तौर पर कुछ हद तक बुलिश खेमे में यानी तेजी के पक्ष में हूं, लेकिन इसमें अब लगभग तीन से चार महीने का विलंब हो सकता है।

क्या यह बाजारों को लेकर निराश होने का समय है?

नहीं, मुझे नहीं लगता कि यह बाजारों के प्रति निराश होने का समय है। भले ही संकट लंबा खिंच जाए, निफ्टी में और 5-10 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। अगर संघर्ष ज्यादा भीषण नहीं होता है तो बाजार मौजूदा स्तरों से लगभग 1-2 प्रतिशत के आसपास बॉटम (न्यूनतम स्तर) बना सकते हैं। हमने पहले ही शिखर से लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट देखी है और शायद उस गिरावट का अंतिम 3-4 प्रतिशत इस अनिश्चितता के कारण हुआ है। इसलिए, संघर्ष के लंबा चलने पर लगभग 5-10 प्रतिशत की और गिरावट संभव है, मुझे इससे अधिक गिरावट की आशंका नहीं है।

First Published : March 18, 2026 | 9:29 PM IST