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लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, लेख

दिल्ली में नए मुख्यमंत्री के लिए आसान नहीं राह

मजा आ गया…! दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करने के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगभग 30 साल बाद सत्ता में लौटते देख पार्टी के एक पदाधिकारी ने चहकते हुए कुछ इस तरह अपनी प्रतिक्रिया दी। मगर उस पदाधिकारी ने यह भी कहा कि धमाकेदार जीत के बाद भी नए मुख्यमंत्री की […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, बाजार

बजट में बिहार के लिए तोहफों का खजाना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दुलारी देवी द्वारा दिया गया तोहफा भारतीय जनता पार्टी द्वारा बजट में बिहार को दिया गया बेहतरीन तोहफा साबित हो सकता है, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीतारमण एक कार्यक्रम के लिए मिथिलांचल दौरे पर गई थीं। वहां उनकी मुलाकात पद्मश्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: आसान नहीं है शिवराज सिंह चौहान की अनदेखी करना

शिवराज सिंह चौहान जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री का पद संभालने के लिए भोपाल से दिल्ली गए हैं, वह थोड़ा अकेलापन महसूस कर रहे हैं और इसमें उनका कुसूर भी नहीं है। जब वह भोपाल से विदा हुए तो उनके चाहने वालों की आंखें नम […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: महिला मतदाताओं की बढ़ती अहमियत

पहली नजर में तो यह चुनाव जीतने का नया और शानदार सियासी नुस्खा नजर आता है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नकद बांटो, परिवहन मुफ्त कर दो और सार्वजनिक स्थानों तथा परिवारों के भीतर सुरक्षा पक्की कर दो… बस, वोटों की झड़ी लग जाएगी। यहां बुनियादी सोच यह है कि महिला मतदाता अब परिवार […]

आज का अखबार, लेख

असंभव को संभव करने वाले राजनेता मनमोहन सिंह

सन 1996 में जब मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री का पद छोड़ा तब उनके मित्रों ने उन्हें सलाह दी कि वह कांग्रेस की मूल्यविहीन राजनीति में गुम न हों और उन लोगों के बीच अपना समर्थन और आधार बनाए रखें जो उन्हें आर्थिक सुधारों के लिए सराहते हैं। इस पर सिंह ने अपनी स्वाभाविक शर्मीली […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, ट्रैवल-टूरिज्म, भारत, राजनीति

‘कर्ज बोझ घटाया, राजस्व बढ़ा’ – हिमाचल CM

पिछले दो साल में आपने क्या पाया, क्या खोया? मैंने न तो कुछ पाया और न ही कुछ खोया है, बल्कि मैंने काफी कुछ सीखा है। मैंने सीखा है कि एक वैधानिक रूप से चुनी हुई सरकार को राजनीतिक खरीद-फरोख्त से कैसे बचाया जाए। जब हम सत्ता में आए तो संस्थागत बदलाव चाहते थे। उसे […]

आज का अखबार, लेख

महाभियोग: विपक्ष का नासमझी भरा दांव!

विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों ने 10 दिसंबर को उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ महाभियोग का अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्य सभा में पेश होना था और चूंकि दोनों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का बहुमत है, इसलिए हार भी […]

आज का अखबार, लेख

कर्नाटक में अंतर्कलह में उलझी भाजपा

देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष में है। झारखंड में वह दस साल से सत्ता से बाहर है और सरकार के कामकाज को लेकर लगातार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की आलोचना करती रही है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: मणिपुर में हिंसा और पूर्वोत्तर की राजनीति

नैशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने मणिपुर की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से समर्थन वापस ले लिया। राज्य की 60 सदस्यीय विधान सभा में भाजपा के 32 विधायक हैं। सात विधायकों वाली एनपीपी के पीछे हटने से पूर्ण बहुमत वाली सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: पड़ोसी देशों पर बरकरार है भारत का असर

साल खत्म हो रहा है और अमेरिका में नई सरकार शासन संभालने जा रही है। दुनिया बदल रही है। ऐसे में भारत के लिए दक्षिण एशिया में क्या संभावनाएं हैं? कई लोगों का कहना है कि भारत ने साल भर अपने पड़ोस में दोस्तों को दुश्मन बनाने के अलावा कुछ भी नहीं किया। वे भूटान […]

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