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लेखक : अजय शाह

आज का अखबार, लेख

बिजली सब्सिडी देने के तरीके में हो रहा सुधार

नीति निर्धारक बिजली सब्सिडी देने में अधिक पारदर्शिता बरतने लगे हैं। सरकारी खजाने से इस मद में दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान अब पहले की तुलना में काफी स्पष्ट एवं पारदर्शी हो गया है। यह बदलाव बिजली क्षेत्र की परंपरागत समस्याओं के निदान के लिए महत्त्वपूर्ण विकल्पों को बढ़ावा दे रहा है। इस क्षेत्र […]

आज का अखबार, लेख

अर्थव्यवस्था के लिए सही लचीली विनिमय दर

अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बनाए रखने में लचीली विनिमय दर की अहम भूमिका होती है जो झटकों को बरदाश्त करने की काबिलियत रखती हो। बता रहे हैं अजय शाह विनिमय दर का लचीलापन झटके को बरदाश्त करने में मददगार होता है। जब बाहरी या आंतरिक झटके लगते हैं तो इसका कुछ बोझ लचीली विनिमय […]

आज का अखबार, लेख

संपत्ति और विरासत पर कर लगाना सही विचार नहीं…

देश में इस समय यह लोकलुभावन मांग जोरों पर हैं अमीरों से संपत्ति छीनकर उसे गरीबों में बांट दिया जाए। यह रास्ता निरंतर गरीबी और आर्थिक नाकामी की ओर ले जाता है। इन दिनों संपत्ति कर और विरासत कर के रूप में जिन दो विषयों पर चर्चा की जा रही है वे सार्वजनिक वित्त के […]

आज का अखबार, लेख

राजनीतिक कारोबारी चक्र के अलग-अलग मार्ग

चुनावी साल में वृहद आर्थिकी को लेकर हमारे विचार किस तरह बदलते हैं? सार्वजनिक चयन सिद्धांत कहता है कि राज्य लोगों से मिलकर बनता है और उनके हितों को अधिकतम तौर पर पूरा करने का प्रयास करता है। चुनाव राजनेताओं के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं। ‘राजनीतिक कारोबारी चक्र’ का विचार चुनाव के पहले और […]

आज का अखबार, लेख

मुश्किल वैश्विक हालात में कंपनियों की बढ़ती चुनौतियां

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, श्रम और विचारों के आदान-प्रदान पर पाबंदी में ढील उच्च आर्थिक वृद्धि का प्रमुख स्रोत थी। परंतु, इस समय चार ऐसी बातें या चुनौतियां हैं जो इस वैश्विक अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचा रही हैं। दुनिया के देशों के बीच जुड़ाव एवं संपर्क बढ़ने से […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: जलवायु परिवर्तन की तीन बड़ी चुनौतियां

अकार्बनीकरण की राह बिजली क्षेत्र से होकर जाती है। आज यह क्षेत्र देश के कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन के एक तिहाई के लिए जिम्मेदार है। वृद्धि के लिए अधिक बिजली की जरूरत है और अर्थव्यवस्था के अन्य हिस्से जीवाश्म ईंधन से बिजली की ओर जा रहे हैं। भारत में कार्बन मुक्त बिजली क्षेत्र की तस्वीर कैसी […]

आज का अखबार, लेख

शाम के वक्त बिजली आपूर्ति की चुनौतियां

सौर ऊर्जा का दायरा बढ़ रहा है। लेकिन शाम को जब सूरज ढल जाता है तब सौर ऊर्जा के बड़े उपयोगकर्ता फिर से ग्रिड वाली बिजली की सेवाएं लेने लगते हैं। आर्थिक वृद्धि और मानव निर्मित संरचनाओं और बुनियादी ढांचे के समूह वाले निर्मित वातावरण में बदलाव के चलते शाम को वातानुकूलित साधनों की मांग […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: फिनटेक क्रांति का लेखाजोखा

भारत में मौजूदा वित्तीय प्रणाली की कमजोरी को देखते हुए फिनटेक महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। वित्त का काम जोखिम और समय से बेहतर तरीके से निपटने के लिए वास्तविक अर्थव्यवस्था की मदद करना है। भारत में वित्त सही रहे इसके लिए आवश्यकता इस बात की है कि भौगोलिक और वर्ग की विविधता के साथ रहने […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: कहीं अत्यधिक आशावादी तो नहीं हैं बाजार?

फरवरी 2022 में अनिश्चितता तेजी से बढ़ी। फरवरी 2023 में इस समाचार पत्र में प्रकाशित मेरे स्तंभ का शीर्षक कह रहा था कि अनिश्चितता में निश्चित रूप से कमी आ रही है। उसके बाद वर्ष के दौरान कई सकारात्मक घटनाएं घटीं और शायद यही कारण है कि वित्तीय बाजार अति आशावाद के शिकार हैं।  गत […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: वैश्विक व्यापार और एफडीआई के पुनर्गठन की प्रक्रिया

‘दूसरे वैश्वीकरण’ की विशेषताओं में एक थी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के लिए अपनी परिधि में बिना शर्त अबाध पहुंच, जो विश्व अर्थव्यवस्था के मूल में है। ‘तीसरा वैश्वीकरण’ इस पहुंच को विदेशी नीत और सैन्य सुसंगतता के क्षेत्र में अधिक सशर्त बनाता है। नए आंकड़े दिखाते हैं कि तीसरा वैश्वीकरण इतने बड़े पैमाने पर है कि […]

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