बैंकों की आमदनी में बढ़ेगा राजकोष से आय का हिस्सा
बैंकों को राजकोष से आमदनी का कुछ फायदा मिल सकता है। दिसंबर 2023 में इसके पहले की तिमाही की तुलना में बॉन्ड पोर्टफोलियो से कम प्रतिफल मिलने के कारण ऐसी संभावना है। राजकोष के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार के बॉन्डों और राज्य सरकार के पेपर के बीच प्रसार का विस्तार व्यवधान का काम कर […]
Government Bonds: राज्यों व केंद्र के बॉन्ड के प्रतिफल का अंतर बढ़ा
चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में राज्यों के बॉन्ड की ज्यादा आपूर्ति के कारण 10 साल के राज्य बॉन्डों व 10 साल के सरकारी बॉन्ड के प्रतिफल में प्रसार बढ़कर 2 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। प्रतिफल प्रसार मंगलवार को बढ़कर 53 आधार अंक हो गया। रेटिंग एजेंसी इक्रा द्वारा संकलित […]
FPI: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का ऋण निवेश 6 साल के उच्च स्तर पर, इस वजह से बना रिकॉर्ड
घरेलू ऋण बाजार (domestic debt market) में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का शुद्ध निवेश दिसंबर के दौरान 77 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। एफपीआई ने जुलाई, 2017 के बाद इतना अधिक निवेश किया है। बाजार के साझेदारों के मुताबिक दिसंबर में यूएस फेडरल रिजर्व के नरम रुख और घरेलू नीति के प्रभाव के […]
VRR नीलामी में बैंकों ने लगाई 3 लाख करोड़ रुपये की बोली: RBI डेटा
भारतीय रिजर्व बैंक की शुक्रवार को आयोजित 1.75 लाख करोड़ रुपये की 7 दिन की वैरिएबल रेट रिजर्व रीपो (वीआरआर) नीलामी में बैंकों ने 3 लाख करोड़ रुपये की बोली दाखिल की है। बैंकों ने 6.74 प्रतिशत भारित औसत दर पर उधारी ली है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक बैंकिंग व्यवस्था में नकदी की […]
IT बजट पूरा खर्च नहीं कर रहे बैंक: RBI डिप्टी गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. के मुताबिक भारत में वाणिज्यिक बैंक अपने बजट की पूरी राशि खर्च नहीं कर रहे हैं। यह जानकारी उन्होंने हाल में कई उपभोक्ताओं को बिना बताए व्यवधान आने की हालिया घटनाओं के संदर्भ में दी। उन्होंने बैंकों के उनके लेखा-जोखा पर ब्याज दर के जोखिम को लेकर […]
Year Ender 2023: साल 2023 में जारी हुए रिकॉर्ड कॉरपोरेट बॉन्ड
Year Ender 2023: साल 2023 में रिकॉर्ड कॉरपोरेट बॉन्ड व गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (एनसीडी) जारी हुए और कंपनियों व वित्तीय संस्थानों ने इन प्रतिभूतियों के जरिये नवंबर तक 8.82 लाख करोड़ रुपये जुटाए। ऐसे इश्यू में बढ़ोतरी की वजह नियामकीय कारकों के अलावा एएए रेटिंग वाले बॉन्ड और एक साल की सीमांत लागत पर आधारित उधारी […]
बीमा कंपनियों को अन्य क्षेत्रों में मिले निवेश की अनुमति: LIC चेयरमैन
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने गुरुवार को कहा कि बीमा कंपनियों को नए संपत्ति वर्ग जैसे सॉवरिन गोल्ड बॉन्डों और इक्विटी डेरिवेटिव में निवेश की अनुमति दी जानी चाहिए, जिससे वे अपनी कमाई बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के लिए निवेश के नियम बहुत विनियमित हैं। दसवें एसबीआई […]
वैश्विक प्रतिकूल स्थितियों से अर्थव्यवस्था को मुख्य जोखिम: वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों से भारतीय अर्थव्यवस्था को मुख्य जोखिम है। हालांकि महंगाई दर में कमी, लगातार वित्तीय समेकन और घटते चालू खाते के घाटे के कारण घरेलू स्थर पर व्यापक आर्थिक स्थिरता है, लेकिन सुस्त वैश्विक वृद्धि, ज्यादा सार्वजनिक कर्ज और भू-आर्थिक अनिश्चितताओं […]
जोखिम पैदा नहीं होने देगा रिजर्व बैंक, RBI गवर्नर ने कहा- अर्थव्यवस्था में लाभ के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज कहा कि बैंकिंग नियामक पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह का जोखिम पैदा नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि जोखिम शुरू होने से पहले ही उसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक त्वरित तथा निर्णायक कार्रवाई करेगा। वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के आमुख में […]
चुनिंदा कंपनियों को ज्यादा कर्ज देने पर RBI सख्त, केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट ने जोखिम को लेकर दी चेतावनी
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि सरकार के साथ पंजीकृत एनबीएफसी (जी-एनबीएफसी) ने जो सबसे बड़े 50 ऋण दिए हैं, उनकी रकम करीब 7.8 लाख करोड़ रुपये है। यह रकम एनबीएफसी से कंपनियों को मिले कुल कर्ज की 40 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि चुनिंदा कंपनियों को बहुत ज्यादा कर्ज दे […]








