Dollar Vs Rupee: दूसरी तिमाही में दबाव के बावजूद एशिया में चमका रुपया, तीसरी तिमाही में बढ़ेगी चुनौतियां
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही) में रुपये ने एशिया की अपनी अधिकांश प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को पछाड़ दिया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सबसे कम नरमी की वजह से हॉन्गकॉन्ग डॉलर के बाद रुपया दूसरे स्थान पर रहा है। अप्रैल और सितंबर के बीच भारतीय मुद्रा में 1.04 प्रतिशत […]
बिज़नेस स्टैंडर्ड के सर्वेक्षण में विशेषज्ञों ने कहा, दर और रुख में बदलाव नहीं!
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति लगातार चौथी नीतिगत समीक्षा में दरें यथावत रख सकती है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के सर्वेक्षण में शामिल सभी 10 प्रतिभागियों की यही राय रही। आरबीआई 6 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा का निर्णय बताएगा। मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच रीपो दर में 250 […]
बॉन्ड रिटर्न के कारण बैंकों को होगा तगड़ा ट्रेजरी नुकसान
जुलाई-सितंबर तिमाही में वाणिज्यिक बैंकों (Commercial Banks) को ट्रेडिंग नुकसान हो सकता है क्योंकि सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल सख्त हुआ है, जो अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में हुई तीव्र बढ़ोतरी को ट्रैक करता है। बेंचमार्क 10 वषीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड का प्रतिफल इस अवधि में 73 आधार अंक बढ़ा है। बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूतियों का […]
केंद्र ने जीवन बीमा कंपनियों की मांग को पूरा करने के लिए 50 साल का बांड पेश किया
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के अपने उधारी कैलेंडर के लिए 50 साल की अवधि की एक नई प्रतिभूति पेश की है। जीवन बीमा कंपनियों, खासकर भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही का उधारी कैलेंडर जारी […]
NABARD ने सोशल बॉन्ड से जुटाए 1,041 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने आज अपने पहले सोशल बॉन्ड के जरिये 1,041 करोड़ रुपये जुटाए। एएए रेटिंग वाले इस बॉन्ड की कूपन दर या ब्याज दर 7.63 फीसदी है यानी उस पर 7.63 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा। नाबार्ड को 1,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने थे और उसने 2,000 करोड़ […]
घरेलू डेट बाजार में सितंबर में शुद्ध निवेश चालू वित्त वर्ष के निचले स्तर पर पंहुचा
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का घरेलू डेट बाजार में सितंबर में शुद्ध निवेश चालू वित्त वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी ट्रेजरी के प्रतिफल में बढ़ोतरी के बाद भारत सरकार के पेपर्स की तुलना में स्प्रेड कम होने के कारण ऐसा हुआ है। 24 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक डेट में एफपीआई […]
जेपी मॉर्गन के सूचकांक में सरकारी बॉन्डों को शामिल किए जाने का लाभ
जेपी मॉर्गन द्वारा अपने उभरते बाजार बॉन्ड सूचकांक में सरकारी बॉन्डों को शामिल करने की घोषणा के कुछ दिन बाद कई बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) और बॉन्ड जारी करके सोमवार और मंगलवार को ऋण बाजार से 18,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) […]
शुरुआती उत्साह के बाद नरम पड़े सरकारी बॉन्ड
जेपी मॉर्गन द्वारा भारतीय बॉन्डों को अपने वैश्विक सूचकांक में शामिल किए जाने की खबरों के बाद सरकारी बॉन्डों में आई शुरुआती तेजी आखिर में थम गई, क्योंकि डीलरों की मानें तो बाजार में इस घटनाक्रम का असर पहले ही दिख चुका है। इसके अलावा, इसे लेकर चिंताएं हैं कि वास्तविक निवेश प्रवाह अगले साल […]
JP Morgan के सूचकांक में भारत, FPI के लिए बॉन्ड बाजार होगा ज्यादा आकर्षक!
जेपी मॉर्गन ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए जाने वाले सरकारी बॉन्डों को अपने उभरते बाजार के सरकारी बॉन्ड सूचकांक (जीबीआई-ईएम) में शामिल करने का आज निर्णय किया। यह प्रक्रिया अगले साल जून से शुरू होगी। जेपी मॉर्गन के वैश्विक बॉन्ड सूचकांक में भारत के शामिल होने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए […]
बैंक कर्ज में जोखिम बढ़ने के संकेत नहीं : पात्र
भारत के बैंक क्षेत्र का कर्ज मजबूत स्थिति में है और इसमें प्रणालीगत जोखिम बढ़ने का कोई संकेत नहीं है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्र ने सोमवार को कहा। पात्र ने कंबोडिया में भाषण देते हुए कहा, ‘बैंक कर्ज को ओवरहीटिंग का मुख्य सूचकांक माना जाता है। हमारा आकलन विभिन्न दृष्टिकोण […]








