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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

नियामकीय स्वतंत्रता

सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को मुश्किल हालात में डाल दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने गत सप्ताह एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे को सौंपी गई है। इस समिति को ‘हालात का समग्र आकलन करना है जिसमें वे प्रासंगिक कारक शामिल […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

पूर्वोत्तर का जनादेश

नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनावों का ताल्लुक केवल चुनाव जीतने वालों से नहीं था बल्कि जो इन चुनावों में हारे हैं वे भी अहम राजनीतिक खिलाड़ी बन सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा में सत्ता बरकरार रखी लेकिन वह टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) को पराजित करने में नाकाम रही। टीएमपी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

कमजोर संभावनाएं

रायपुर में हाल ही में संपन्न कांग्रेस पार्टी के 85वें पूर्ण अधिवेशन से ऐसे संकेत निकले कि 2024 के आम चुनाव में राहुल गांधी ही कांग्रेस पार्टी का चेहरा होंगे। इसके अलावा पार्टी ने एक ऐसा चुनावी मंच तैयार करने पर सहमति जताई जो न्यूनतम आय गारंटी कार्यक्रम (न्याय) तथा उद्योगपति गौतम अदाणी के साथ […]

आज का अखबार, लेख

एनएसओ आंकड़े : वृद्धि की चुनौती

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा मंगलवार को जारी किए गए राष्ट्रीय आय के आंकड़ों की कई वजहों से प्रतीक्षा थी। इन अनुमानों में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2022) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष की दो आरंभिक तिमाहियों के सालाना वृद्धि के आंकड़े कमजोर आधार के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

रोजगार और भागीदारी

केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अधीन आने वाले राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय ने अपने सावधिक श्रम शक्ति सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का सालाना सार-संक्षेप जारी कर दिया है। रिपोर्ट में जुलाई 2021 से जून 2022 के बीच की अवधि को शामिल किया गया है। इसका अर्थ यह है कि इसमें कोविड-19 की तबाही मचाने वाली […]

संपादकीय

केंद्रीय बजट तथा वृद्धि की प्रक्रिया

आम लोगों की बचत पर सरकार का नियंत्रण कम करने की आवश्यकता है ताकि मांग तथा निजी ऋण को बढ़ावा दिया जा सके। इस विषय में जानकारी दे रहे हैं नितिन देसाई केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में सात ऐसे कार्य क्षेत्रों की ओर इशारा किया जिनके तहत करीब 100 नई पुरानी परियोजनाएं […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

केंद्रीय बजट तथा वृद्धि की प्रक्रिया

आम लोगों की बचत पर सरकार का नियंत्रण कम करने की आवश्यकता है ताकि मांग तथा निजी ऋण को बढ़ावा दिया जा सके। इस विषय में जानकारी दे रहे हैं नितिन देसाई केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में सात ऐसे कार्य क्षेत्रों की ओर इशारा किया जिनके तहत करीब 100 नई पुरानी परियोजनाएं […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

यूक्रेन युद्ध: बढ़ती अनि​श्चितता

यूक्रेन में रूस की विशेष सैन्य कार्रवाई का एक वर्ष पूरा हो रहा है। इस बीच यूक्रेन के उत्तर अटलांटिक सं​धि संगठन (नाटो) साझेदारों और रूस के बीच तनाव के कारण भूराजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका कोई अंत भी अभी नजर नहीं आ रहा है। कुछ आंतरिक मतभेद के बाद जनवरी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

UPI: स्वागतयोग्य पहल

नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा विकसित रियलटाइम भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को क्रांतिकारी ढंग से बदला है। मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर श​क्तिकांत दास और मॉनिटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर के प्रबंध निदेशक रवि मेनन के बीच मोबाइल फोन के माध्यम से सीमापार लेनदेन […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

​चीन तथा वै​श्विक आ​र्थिक परिदृश्य

चीन अल्पाव​धि और मध्याव​धि में वै​श्विक आ​र्थिक और भूराजनीतिक भविष्य में अहम भूमिका निभाने वाला देश है। बीते सप्ताह घटित दो घटनाओं ने इस बात पर एक बार फिर नए सिरे से बल दिया। इनमें से एक सुरक्षा से जुड़ी है और दूसरी आ​र्थिक व्यवस्था से। पहली घटना थी अमेरिका और चीन के विदेश मंत्रियों […]

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