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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख

विदेश व्यापार नीति जारी, कार्य प्रगति पर

केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी नई विदेश व्यापार नीति (एफटीपी 23) जारी कर दी है। इससे पिछली विदेश व्यापार नीति 2015 में जारी की गई थी और माना जा रहा था कि वह 2020 तक काम आएगी। इसके बाद कोई नीति जारी नहीं की गई और दलील दी गई कि महामारी के कारण […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

हरियाली की दीवार

कई वर्षों तक चली चर्चाओं के पश्चात आ​खिरकार सरकार ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक विस्तारित अरावली पर्वत श्रृंखलाओं में पांच किलोमीटर चौड़ी हरियाली की पट्टी बनाने की भव्य परियोजना शुरू कर दी है। ऐसा भूमि के मरुस्थलीकरण और अपघटन से निपटने के लिए किया जा रहा है। अरावली को दुनिया की सबसे पुरानी […]

आज का अखबार, लेख

नियमन पर नजर

भारत के वै​श्विक आ​र्थिक मंदी से बेहतर ढंग से निपटने की संभावनाओं को लेकर एक वजह यह बताई जा रही है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान हमारे बैंकों की बैलेंस शीट में काफी सुधार हुआ है। यह इसलिए संभव हुआ कि नियामकीय निगरानी अपेक्षाकृत सख्त रही और बैकों ने भी अपनी बैलेंस शीट को […]

आज का अखबार, लेख

स्पेक्ट्रम आवंटन : दूर हो नीति का अभाव

देश के निजी क्षेत्र ने लंदन ​स्थित मुख्यालय वाली कंपनी वनवेब के रूप में अंतरिक्ष संचार के क्षेत्र में अच्छी शुरुआत की है। यह भारती एंटरप्राइजेज और यूनाइटेड किंगडम की सरकार का संयुक्त उपक्रम है जिसने गत रविवार को अंतरिक्ष की कक्षा में 618 उपग्रहों को स्थापित करने का काम पूरा कर लिया। नि​श्चित तौर […]

आज का अखबार, भारत, लेख

शहरी भारत का निर्माण

यह बात पूरी तरह स्वीकार्य है कि भारत को अपने नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने और बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए बहुत भारी निवेश की आवश्यकता है। निवेश की आवश्यकता आने वाले वर्षों में और बढ़ेगी क्योंकि बहुत बड़ी तादाद में लोग शहरी इलाकों का रुख करेंगे और शहरीकरण की प्रक्रिया भी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संसद में चर्चा जरूरी

शुक्रवार को लोकसभा में वित्त विधेयक, 2023 बिना किसी चर्चा के पारित हो गया। इस विधेयक में लगभग 64 संशोधन थे। नई पेंशन योजना पर विचार करने के लिए वित्त मंत्री द्वारा समिति गठित करने जैसे निर्णय सामान्यतया विवाद का विषय नहीं बनते हैं। वित्त मंत्री के इस निर्णय का राजनीतिक महकमे के और शिक्षित […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संतुलन बनाने का प्रयास

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अध्यक्षता वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) ने बुधवार को फेडरल फंड दर के लक्षित दायरे को 25 आधार अंक बढ़ाकर सही निर्णय लिया। अमेरिकी बैंकिंग क्षेत्र की हालिया घटनाओं के बाद दरें तय करने वाली संस्था पर इजाफा रोकने का दबाव था क्योंकि उन […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

समुचित मूल्यांकन

सिलिकन वैली बैंक के पतन और क्रेडिट सुइस के खस्ता हालात ने बाजार के रुझानों में भारी अनि​श्चितता पैदा की है। निवेशक वित्तीय क्षेत्र में पैदा हो रहे हालात को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उनके कारण बड़े पैमाने पर समस्या पैदा हो सकती है। वित्तीय संकट की ​स्थिति में राजस्व वृद्धि में धीमापन आ सकता […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

व्यापक साझेदारी

भारत और जापान के रिश्तों की गहराई और व्यापकता को देखते हुए जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा की भारत यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों का रिश्ता ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है। जापान की कंपनियों ने भारत में भारी भरकम निवेश किया है और जापान की एजेंसियां अधोसंरचना विकास के लिए […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संक्रमण से बचाव

क्रेडिट सुइस की आयु स्विस गणराज्य से महज कुछ ही वर्ष कम है और उसके पतन को समझ पाना कुछ स्तरों पर काफी मुश्किल है। अमेरिका के बैंकिंग क्षेत्र में उत्पन्न दिक्कतों (जिनकी शुरुआत सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) की नाकामी से हुई) और क्रेडिट सुइस पर उठ रहे सवालों के बीच कोई संबंध निकाल पाना […]

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