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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: बांग्लादेश से रिश्तों की चुनौतियां

बांग्लादेश की वर्तमान सरकार जिसे छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपदस्थ करके स्थापित किया गया था, वह अपने ही आदर्शों पर खरी उतरने में नाकाम रही है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के अधीन काम कर रही इस सरकार से अपेक्षा थी कि वह साफ-सुथरे और निष्पक्ष चुनाव कराने […]

अन्य समाचार, आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: नीतिगत उपायों को मिलेगी नई दिशा

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने पिछले सप्ताह आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का पहला मासिक बुलेटिन जारी किया। इस बुलेटिन में उल्लेख किया गया है कि भारत के आधिकारिक आंकड़े तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की मांग पूरी करना शुरू कर चुके हैं। कई अर्थशास्त्री और विश्लेषक कह चुके हैं कि रोजगार की वास्तविक स्थिति समझने […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: राष्ट्रीय एकता सबसे ऊपर 

बीते करीब तीन सप्ताह में जो कुछ घटित हुआ है वह देश के समकालीन इतिहास में विशिष्ट स्थान पाएगा।  22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया। हालांकि हमले के वास्तविक आरोपी नहीं पकड़े जा सके हैं लेकिन सुरक्षा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: IT Sector में lay off से सबक

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अपने कर्मचारियों की संख्या में 6,000 की कटौती की खबर यह बताती है कि कैसे सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवा क्षेत्र में जेनरेटिव आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के तेज विकास ने श्रम की जरूरतों को बदला है। माइक्रोसॉफ्ट को अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर संसाधनों को नई प्रौद्योगिकियों में निवेश करते हुए […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: लंबित मामलों पर ध्यान जरूरी

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। यह अवसर बताता है कि कैसे अवसरों तक समान पहुंच देश में सामाजिक समावेशन की राह को आसान कर सकती है। न्यायमूर्ति के जी बालकृष्णन के बाद न्यायमूर्ति गवई दूसरे दलित हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: आतंकवाद पर स्पष्ट रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अत्यंत सटीक ढंग से आतंकवाद पर देश के रुख को सामने रखा। 7  मई के बाद पहली बार अपने सार्वजनिक संबोधन में मोदी ने न केवल भारतीय नागरिकों को बल्कि पूरी दुनिया को यह बता दिया कि ऑपरेशन सिंदूर अब आतंकवाद के विरुद्ध […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: एक और युद्ध विराम

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन के साथ कारोबारी जंग में 90 दिन का विराम देने की व्यवस्था कर दी है। दोनों देशों ने संकेत दिया है कि उन्होंने एक दूसरे के आयात पर जो अत्यधिक ऊंचे टैरिफ लागू किए थे उनमें भारी कमी की जा सकती है। टैरिफ में यह कमी एक व्यापार […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: युध्दविराम के आगे की चुनौतियां

शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हो गया और दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम की घोषणा कर दी। हालांकि ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तान ने शनिवार की रात संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन किया लेकिन उम्मीद यही है कि हालात सुधरेंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक अपने घरों को वापस लौट […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: उत्पादकता बढ़ाने की कवायद

भारत ने हाल ही में चावल की दो जीनोम-संवर्धित किस्में जारी की हैं और यह कृषि क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। साइट डायरेक्टेड न्यूक्लिएज 1 (एसडीएन1) जीनोम परिवर्तन तकनीक की मदद से विकसित डीआरआर धान 100 (कमला) और पूसा डीएसटी राइस 1 नामक ये किस्में न केवल 30 फीसदी तक अधिक पैदावार का वादा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मानव विकास सूचकांक में भारत की छलांग, लेकिन पड़ोसी अब भी आगे!

मानव विकास सूचकांक (एचडीआई)  के नवीनतम संस्करण में भारत की तीन पायदानों की प्रगति मामूली संतोष की वजह ही हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम अभी भी 193  देशों वाले इस सूचकांक में निचले हिस्से में ही हैं और 2022 के 133वें स्थान की जगह 2023  में हम 130वां स्थान हासिल कर सके। जैसा […]

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