Editorial: आयात निर्भरता में कमी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को उचित ही ‘व्यवस्थागत झटका’ करार दिया और कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण मार्गों को खतरे में डाल रहा है। यह बात भारत की नाजुकता को भी रेखांकित करती है। भारत कच्चे तेल की अपनी खपत आवश्यकता का 85 फीसदी […]
Editorial: सही दिशा में कदम, 784 प्रावधानों में बदलाव से आसान होगा कारोबार
हाल ही में पारित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 से कारोबारी सुगमता में सुधार की उम्मीद है। विधेयक के जरिये 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया। इनमें से 717 प्रावधानों की आपराधिकता समाप्त की गई है जबकि 67 में संशोधन का लक्ष्य जीवन को सहज बनाना है। ये संशोधन विभिन्न […]
Editorial: ईरान युद्ध में बुरे फंसे ट्रंप, अब बस चेहरा और वैश्विक साख को बचाने की जद्दोजहद
अब यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर एक महीने पहले शुरू किए गए हमले से किसी तरह अपना चेहरा बचाते हुए बच निकलने के लिए जूझ रहे हैं। इस युद्ध के लिए दो लक्ष्य घोषित किए गए थे: सत्ता परिवर्तन और परमाणु क्षमता को नष्ट करना। लेकिन […]
Editorial: AI की आहट से थर्राया जॉब मार्केट, युवाओं के लिए कौशल विकास अब जरूरी
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी, एंथ्रोपिक ने हाल ही में दो अध्ययन प्रकाशित किए हैं। एक में लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है, और दूसरे में श्रम बाजार पर इसके शुरुआती प्रभावों की जांच की गई है। हालांकि विश्लेषण के लिए केवल क्लाउड से […]
Editorial: ईरान युद्ध से बढ़ी अनिश्चितता, रुपये पर दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम जो संबोधन दिया वह ईरान युद्ध के अंत को लेकर स्पष्ट मार्ग दिखाने में विफल रहा। वास्तव में ट्रंप ने इस अवसर का इस्तेमाल ऐसी धमकियां देने के लिए किया कि ईरान पर बमबारी करके उसे पाषाणकाल जैसी हालत में पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने […]
Editorial: जनगणना की शुरुआत
देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना की औपचारिक शुरुआत एक अप्रैल को हो गई। हर एक दशक में होने वाली जनगणना 2020 में होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह उस समय नहीं हो सकी। परंतु आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने के बाद भी इसे क्यों अंजाम नहीं दिया गया इस बारे में कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं […]
Editorial: बजट के बाद बदला माहौल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई सरकार की सिरदर्दी
नया वित्त वर्ष ऐसे समय में आरंभ हो रहा है जब वातावरण में संदेह के बादल इस वर्ष की फरवरी की तुलना में अधिक हैं। फरवरी में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया गया था। दरअसल केंद्र सरकार का राजकोषीय गणित अपेक्षाकृत शांत समय में तैयार किया गया था। उस समय मुद्रास्फीति में कमी […]
Editorial: हितों के टकराव पर सेबी सख्त, भरोसा बहाली जरूरी
देश के प्रतिभूति बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक अहम मुद्दे को हल करने का प्रयास किया है, जिसने इसके स्वतंत्र कामकाज पर सार्वजनिक भरोसे को धुंधला कर दिया था। अब बंद हो चुकी हिन्डनबर्ग रिसर्च द्वारा पूर्व सेबी अध्यक्ष पर हितों के टकराव के बारे में लगाए गए आरोपों के […]
Editorial: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध का दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। अभी तक इसके समाप्त होने के आसार नहीं नजर आते। दोनों पक्षों ने ऐसी शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना उन दोनों के लिए लगभग नामुमकिन ही है। अमेरिका की 15 बिंदुओं वाली योजना में ईरान से ऐसी गारंटी मांगी गई है […]
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: बढ़ा बजट, लेकिन सिस्टम की खामियां बरकरार
दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए इसी हफ्ते लगभग 1.03 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो चालू वित्त वर्ष के आवंटन से लगभग 1 प्रतिशत अधिक है। सरकार की अस्पतालों का निर्माण पूरा करने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का विस्तार करने और […]









