सिटी के जख्मों पर सरकारी मरहम
एक वक्त था, जब सिटीग्रुप दुनिया का सबसे अमीर बैंक हुआ करता था। लेकिन कहते हैं न, वक्त कभी एक सा नहीं रहता। पिछले 11 महीनों की आर्थिक उथल-पुथल की वजह से उसकी संपत्ति आज 83 फीसदी तक कम हो चुकी है। ऐसे हालात में अमेरिकी सरकार का सिटीग्रुप को दिया गया बेल-ऑउट पैकेज, पिछले […]
सरकारी नाकामी का बोझ ढोते हिंदुस्तानी छात्र
भारत से तकरीबन एक लाख छात्रों ने पिछले साल अमेरिकी विश्वविद्यालयों की तरफ रुख किया था। यह विदेशों से अमेरिका में आने वाले छात्रों की कुल तादाद का 15 फीसदी है। जी हां, यह उन कुछेक क्षेत्रों में से एक है, जहां हम चीन से आगे हैं। पिछले साल 81 हजार चीनी छात्रों ने अमेरिकी […]
बैंकों को ऑक्सीजन देने की वैश्विक कवायद
तीसरी तिमाही में भी तमाम बैंकों की रिपोर्ट में घाटा ही आ रहा है, बैंकिंग तंत्र को अमेरिका और यूरोप में कुल दिया गया समर्थन नाटकीय स्तर पर पहुंच चुका है। वित्तीय स्थिरता पर बैंक ऑफ इंगलैंड की हाल में जारी रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अप्रैल 2008 से लेकर अब तक 50 खरब पाउंड […]
डाबर: अच्छे सौदे का स्वाद
इस समय डाबर की एंटरप्राइजेज वैल्यू और बिक्री (ईवीबिक्री) का अनुपात तीन गुना से थोड़ा ही कम है। कंपनी को स्किन केयर के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फेम केयर सस्ते में नहीं मिली है। यह भी सच है कि 15 फीसदी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन के साथ उसका कारोबार अच्छी स्थिति में है लेकिन उसकी […]
महंगा हो गया हाउसिंग रीफाइनैंस
नैशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) ने पुनर्वित्त (रीफाइनैंसिंग) पर ब्याज की दर बढ़ाकर 12 फीसदी कर दी है जबकि इससे पहले यह दर 9 फीसदी थी। ब्याज दर बढ़ाने की पहल पिछले महीने ही शुरू हो गई थी। इसकी आधिकारिक घोषणा हो जाने के बाद नकदी के टोटे से जूझ रही आवासीय ऋण कंपनियों (एचएफसी) के […]
‘बड़े मियां’ पर भारी ‘छोटे मियां’
वक्त बदलते वाकई देर नहीं लगती। ज्यादा वक्त नहीं गुजरा है, जब बड़े ब्रोकर हाउस किसी सब ब्रोकर को बुलाते थे और उसे अपने साथ काम करने के फायदे गिनाया करते थे। लेकिन बाजार के बदलते मिजाज के बीच वे सब ब्रोकरों के साथ काम करने के लिए उतावले हो रहे हैं और उन्हें भारी […]
ऐक्सिस बैंक भी म्युचुअल फंड में
देश का तीसरा सबसे बड़ा निजी बैंक ऐक्सिस बैंक अगले 6 से 8 महीनों में म्युचुअल फंड कारोबार में कदम रखने की तैयारी में है। बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूंजी बाजार के प्रमुख सिद्धार्थ रथ ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि संपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) शुरू करने के लिए बैंक को भारतीय प्रतिभूति एवं […]
एफडी वाले ग्राहकों पर टिक गई बैंकों की बचीखुची आस
जमाकर्ताओं से रकम इकट्ठा करने के लिए इन दिनों बैंकों का सारा जोर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर लगा हुआ है। एफडी योजनाओं के प्रचार के लिए बैंक विज्ञापनों का सहारा तो ले ही रहे हैं, रोड शो और घर घर जाकर प्रचार करने से भी नहीं चूक रहे हैं। कई बैंकों ने तो अपने कर्मचारियों […]
बड़ी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव
मंगलवार को भी शेयर बाजार भारी दबाव में रहा और बड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली रही। स्टेट बैंक, रिलायंस, टीसीएस, एल ऐंड टी, बीएचईएल, विप्रो, इन्फोसिस, डीएलएफ, एम ऐंड एम, आईसीआईसीआई, स्टरलाइट और टाटा स्टील जैसे शेयर 2 से 7 फीसदी कमजोर होकर बंद हुए। यह दबाव अमेरिकी वायदा बाजार और यूरोपीय बाजारों […]
एक्सपाइरी तक 2500-2600 अंको के बीच रहेगा बाजार
जैसे उम्मीद की जा रही थी, वैसे ही निफ्टी को 2800 के स्तर पर रेसिस्टेंस मिला। फिर वह सूचकांक के बड़े शेयरों में हुई मुनाफा वसूली के चलते 2700 के सपोर्ट लेवल के नीचे बंद हुआ। अंतत: बाजार भोजनावकाश के बाद के सत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और […]
