‘उचित नहीं ओपेक सदस्यों की तेल कीमतें बढ़ाने की जिद’
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के 13 सदस्यों में से ईरान और वेनेजुएला दो ऐसे देश हैं जिन्होंने कीमत को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है। इन देशों ने तेल की बेंचमार्क कीमत को 100 डॉलर प्रति बैरल पर बनाए रखने की ठान ली है। ये दोनों देश तेल की कीमतों के छह […]
खिलाड़ियों को भी रास आ रही है एमबीए की पढ़ाई
देश में खेल से जुड़ी जानी मानी हस्तियों को हाल ही में एक नया शौक चढ़ा है। अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ी इन दिनों या तो कहीं से एमबीए कर रहे हैं या फिर करने की तैयारी में जुटे हैं। अलग-अलग खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब महेंद्र सिंह धोनी, रुद्र प्रताप […]
बेंगलुरु अब निकला फैशन हब बनने की राह पर
अगर आपको देश में ही किसी एक जगह पर दुनिया के अलग-अलग देशों के नए फैशन ट्रेंड और स्टाइल से रूबरू होने का मौका मिले तो कैसा हो? उस जगह पर दुनिया भर के लोग नए फैशन वाले हेयर बैंड, जूते, बैग और नए डिजाइन वाले आभूषणों को देखने के लिए आएंगे और उसकी वजह […]
बैंकिंग संकट से है परेशान आईआईएम
अमेरिका के चौथे सबसे बड़े इनवेस्टमेंट बैंक लीमन ब्रदर्स के दिवालिया होने और मेरिल लिंच को बैंक ऑफ अमेरिका द्वारा खरीदे जाने की खबरें आने के बाद भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) के छात्रों के प्री प्लेसमेंट जॉब पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वित्तीय क्षेत्र में इन बैंकों का हमेशा दबदबा रहा […]
बच्चों के सपनों को मिला नया सहारा
उत्तरी दिल्ली के एक पिछड़े हुए इलाके में रहने वाले शंकर राम ऑटो रिक्शा चलाते हैं। बहुत बढ़िया हालत न होने के बावजूद उनको अपने बेटे के सलीके और अंग्रेजी समझने की काबिलियत पर फक्र है। उनका 10 साल का बेटा अमित पिछले एक साल से एक निजी स्कूल में पढ़ रहा है। एक गैर […]
कौन सी सूची का विषय है आथक नियोजन?
1. एक बैरल में कितने लीटर होते है? ए. 159 लीटर बी. 160 लीटर सी. 148 लीटर डी. 156 लीटर 2. वर्ष 2006-07 में पशुधन एवं मत्स्य क्षेत्र की देश के जीडीपी में हिस्सेदारी कितनी रही?ए. 5.20 प्रतिशत बी. 5.26 प्रतिशत सी. 4.8 प्रतिशत डी. 6.1 प्रतिशत 3. अमेरिका के कौन से चौथे बड़े निवेशक […]
लीमन के बम से टूटे सपने
पिछले कुछ दिनों में मुल्क की अर्थव्यवस्था के लिए धीरे-धीरे ही सही, लेकिन अच्छी खबरें आनी शुरू हुईं थीं। वैसे तो महंगाई अब भी 12 फीसदी के खतरनाक स्तर पर है, लेकिन इसके धीरे पड़ने के संकेत साफ दिखाई देने लगे थे। वित्त वर्ष की पहली तिमाही की करीब आठ फीसदी की विकास दर को […]
अविश्वास से उपजा विवाद
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुध्ददेव भट्टाचार्य को भले ही टाटा मोटर्स के सिंगुर से कदम वापस खींचने से रोकने में सफलता मिली हो, जहां टाटा की बहुप्रचारित नैनो कार बननी है। लेकिन इस पूरे विवाद से एक प्रशासक के रूप में भट्टाचार्य की छवि धूमिल हुई है। सिंगुर विवाद से तमाम सीख मिलती है जिससे […]
रुपये की उठापटक ने मुश्किल किया जीना
पिछले दो सालों से अर्थव्यवस्था में जो उठा-पटक चल रही है, उसकी असल वजह रुपया ही है। इसी वजह से आज 2006 के सुनहरे दौर में वापस पहुंचना एक दूर का सपना बन चुका है। यह बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था शेष दुनिया से इस कदर जुड़ चुकी है कि अब उसे अलग करना नामुमकिन […]
अमेरिका इंश्योरेंस ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं
दिवालिया होने की कगार पर खड़े अमेरिका इंश्योरेंस ग्रुप (एआईजी) की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हालांकि न्यू यॉर्क स्टेट के अधिकारियों ने कंपनी को अपनी बैलेंस शीट से ही यानी अपनी कुछ परिसंपत्तियां बेचकर 20 अरब डॉलर जुटाने की मंजूरी दे दी है। लेकिन पैसे के संकट से जूझ रही इस कंपनी […]
