मंदी की आहट से धराशायी हुए कई जिंस
विश्व भर में आर्थिक मंदी की आहट से कच्चे तेल और प्रमुख धातुओं-तांबा, जिंक, एल्युमिनियम और सोने की कीमतों में पिछले तीन माह के दौरान काफी गिरावट आई है। स्टील की कीमतों में भी जुलाई में कमी आई है, बावजूद इसके मई माह की तुलना में इसकी कीमतें अभी भी ज्यादा हैं। दक्षिण यूरोप में […]
इस्पात की किल्लत से संकट में हैं पूर्वोत्तर के उद्योग
उत्तर-पूर्वी भारत के उद्योगों को इस समय इस्पात की जबरदस्त किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि सरकार नियंत्रित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने भी इस इलाके को इस्पात की जल्द आपूर्ति कराने में अपनी असमर्थता जतायी है। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2008-09 के दौरान इस्पात की कुल मांग […]
गुजरात में खरीफ फसल की बुआई बेहतर
गुजरात में इस महीने हुई अच्छी बारिश से खरीफ फसल के बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य में छिटपुट हुई बारिश से खरीफ फसल के संदर्भ में अनिश्चितता बढ गई थी। हालांकि, पिछले पखवाड़े के दौरान इस स्थिति में नाटकीय बदलाव आया है। फिलहाल चल रहे खरीफ फसल की बुआई के सीजन में […]
काली मिर्च के उत्पादन में गिरावट का अनुमान
काली मिर्च के विभिन्न उत्पादक देशों की फसलों और भंडारों के नवीनतम आकलन के अनुसार इस साल काली मिर्च के वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी हो सकती है। हालांकि, केरल के वयनाड और इडुक्की के काली मिर्च की खेती करने वाले किसानों के अनुसार दिसंबर से शुरू होने वाले अगले सीजन के दौरान उत्पादन […]
ओलंपिक ने डुबोई केमिकल उद्योग की लुटिया
चीन में चल रहे ओलंपिक खेलों की वजह से देश के केमिकल कारोबार के हालात आईसीयू में भर्ती मरीज की तरह हो चुके हैं। पिछले छह महीनों के भीतर ही देश केमिकल कारोबार का लगभग 40 फीसदी बाजार सिमट चुका है। देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों के केमिकल्स कारोबारियों का कहना है कि चीन में […]
तरक्की से कितने पास, कितने दूर
मुल्क को आजाद हुए आज 61 साल हो चुके हैं। आजादी के वक्त हमें सांप और सपेरों के देश के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज हमें कंप्यूटर और बीपीओ के मुल्क के नाम से पहचाना जाता है। आज हम दुनिया में सबसे तेजी से तरक्की करते हुए मुल्कों में से एक हैं। इस […]
नए भारत की नई महिलाएं
किसी भी मुल्क की हालत आप उस देश की महिलाओं के जीवन स्तर को देखकर ही बता सकते हैं।’ यह बात कही थी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, वह भी आज से पचास साल पहले। आज हमें आजाद हुए 61 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान भारतीय नारी का पात्र भी […]
उभरते भारत की नई तस्वीर
हर घड़ी के साथ बदलता वक्त अपने साथ कई चीजों में बदलाव लेकर आता है। एक वक्त था जब मोबाइल, लोगों का सपना हुआ करता था, लेकिन बेसिक फोन भी उनकी हकीकत नहीं बन पाता था। देश में आज भी बहुत सारे गांवों में बेसिक फोन पहुंच भी नहीं पाया है, लेकिन मोबाइल फोनों ने […]
रस्ता है कठिन, चलना जरा संभल के
हम बात आजादी की करते हैं। सवाल उठता है कि आखिर इस आजादी के मायने क्या हैं? कुछ लोगों के लिए आजादी पतंग की तरह उन्मुक्त होकर आसमान में उड़ जाने की चाहत का नाम हो सकता है। तो कुछ के लिए हर तरह के भय से मुक्ति का नाम आजादी है। दीगर बात है […]
साझा एशियाई बाजार
विश्व व्यापार वार्ता का दोहा दौर लंबा खिंचता जा रहा है और ऐसे में अगर कुछ मुल्क द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए)की ओर ताक रहे हैं तो इसमें गलत क्या है? इससे जाहिर होता है कि भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान का वह कदम बिलकुल भी गलत नहीं था […]
