डिजिटल ट्रेडिंग का दबदबा बढ़ा, डीलर आधारित शेयर कारोबार घटकर 25% पर आया
लगभग एक दशक पहले देश के शेयर बाजार में ज्यादातर सौदे अपनी पसंद की ब्रोकरेज फर्म के किसी डीलर से कराए जाते थे और इसके लिए उसे फोन करना पड़ता था। मगर अब ऐसा नहीं रहा। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2015 में इक्विटी कैश मार्केट में 60 फीसदी […]
Active vs Passive Funds: रिटर्न में एक्टिव फंड्स का पलड़ा अब भी भारी, पैसिव फंड्स की बढ़ रही रफ्तार
Active vs Passive Funds: धीमी आर्थिक वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव के बीच बीते तीन वर्षों में एक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को प्रमुख कैटेगरीज में अपने संबंधित बेचमार्क इंडेक्स की तुलना में रिस्क-एडजेस्टेड आधार पर बेहतर रिटर्न मिला होगा। एक्टिव स्कीम्स ने दिया पॉजिटिव अल्फा बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा वैल्यू रिसर्च (Value […]
भारत से विदेशी कंपनियों का घटा मोह! सक्रिय फर्मों की हिस्सेदारी 70% से गिरकर 62% पर आई
वित्त वर्ष 19 की तुलना में जनवरी 2026 तक देश में सक्रिय विदेशी कंपनियों की संख्या घट गई है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है जिसके अनुसार वित्त वर्ष 19 में 3,376 सक्रिय विदेशी कंपनियां थीं। यह संख्या जनवरी 2026 तक घटकर 3,293 रह गई, जबकि पंजीकृत विदेशी […]
निवेशकों की पहली पसंद बने ‘ग्रोथ स्टॉक’, वैल्यू शेयरों को पछाड़कर ग्रोथ इंडेक्स ने मारी बाजी
लगातार चार वर्षों तक भारत के विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने से देश के शेयर बाजारों में वृद्धि से जुड़े शेयरों (ग्रोथ स्टॉक) का दबदबा बढ़ गया है। एमएससीआई इंडिया ग्रोथ इंडेक्स ने पिछले 12 महीनों के आधार पर फरवरी की समाप्ति 19.9 फीसदी की बढ़त के साथ की जबकि […]
नई GDP सीरीज से बदलेगी तस्वीर? मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीदें
भारतीय कंपनियों की शुक्रवार को जारी विनिर्माण के आंकड़ों पर करीबी निगाह रह सकती है। 2022-23 के संशोधित आधार वर्ष के साथ जारी ये आंकड़े सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई श्रृंखला पर आधारित हैं। बीते सालों में कारोबारी परिणामों में नजर आई वृद्धि 2011-12 आधार वर्ष वाली जीडीपी श्रृंखला में नजर नहीं आती थी। […]
SME Growth: अब छोटी कंपनियां भी बना रहीं कर्मचारियों को करोड़पति, ईसॉप्स का बढ़ रहा है क्रेज
आमतौर पर स्टार्टअप या बड़ी कंपनियों से जुड़ी कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजनाएं (ईसॉप्स) अब छोटे और मझोले उद्यम (एसएमई) के क्षेत्र में भी तेजी से जगह बनाती जा रही हैं। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग सात छोटे और मझोले उद्यमों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा की है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने एनएसई पर इनसे जुड़ी […]
FY26 में IPO लिस्टिंग गेन कमजोर, सिर्फ 65% ऑफर ही इश्यू प्राइस से ऊपर खुले
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सूचीबद्धता पर मिलने वाले लाभ में कमजोरी आई है। सोमवार को शेयर बाजार में आगाज करने वाली आय फाइनैंस और फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने निवेशकों को कोई लाभ नहीं दिया। बिजनेस स्टैंडर्ड ने जब प्राइमडेटाबेस डॉट कॉम के आंकड़ों का विश्लेषण किया तो पता चला कि इस वित्त वर्ष में आए […]
ट्रंप युग में भी भारतीय बाजार पर भरोसा: विदेशी निवेश में अमेरिकी FPI की हिस्सेदारी बढ़कर 41% हुई
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय बाजार में कुल विदेशी शेयरधारिता में अमेरिकी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की हिस्सेदारी बढ़ी है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने डिपॉजिटरी के आंकड़ों का विश्लेषण किया है जिसके अनुसार डेट और इक्विटी दोनों में अमेरिकी एफपीआई की हिस्सेदारी जनवरी 2025 में 39.7 […]
लिस्टेड कंपनियों ने अनलिस्टेड को कॉरपोरेट टैक्स में पछाड़ा
भारत में अब स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनियां टैक्स कलेक्शन में अनलिस्टेड कंपनियों को पीछे छोड़ रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की Market Pulse रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में अनलिस्टेड कंपनियों का कुल कॉर्पोरेट टैक्स में हिस्सा घटकर 47% रह गया। यह हिस्सा FY19 में 55.6% था। महामारी ने बढ़ाया अंतर एनएसई […]
डीमैट की दूसरी लहर: नॉन-लिस्टेड कंपनियों में इलेक्ट्रॉनिक शेयरों का चलन तेज, इश्यूर की संख्या 1 लाख के पार
Second wave of demat: 1990 के दशक के मध्य में जब सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक या डीमैट रूप में रखा जाने लगा, तो शेयर बाजारों पर खरीदे और बेचे जाने वाले शेयरों में उनकी भागीदारी 1 प्रतिशत से भी कम थी। लेकिन 2001 तक यह संख्या बढ़कर 99.5 प्रतिशत पर पहुंच […]









