facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

डिजिटल ट्रेडिंग का दबदबा बढ़ा, डीलर आधारित शेयर कारोबार घटकर 25% पर आया

Advertisement

लगभग एक दशक पहले देश के शेयर बाजार में ज्यादातर सौदे अपनी पसंद की ब्रोकरेज फर्म के किसी डीलर से कराए जाते थे और इसके लिए उसे फोन करना पड़ता था

Last Updated- April 17, 2026 | 10:11 PM IST
Share Market

लगभग एक दशक पहले देश के शेयर बाजार में ज्यादातर सौदे अपनी पसंद की ब्रोकरेज फर्म के किसी डीलर से कराए जाते थे और इसके लिए उसे फोन करना पड़ता था। मगर अब ऐसा नहीं रहा। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2015 में इक्विटी कैश मार्केट में 60 फीसदी से ज्यादा कारोबार इसी तरीके से होता था मगर 2025-26 में यह घटकर केवल 25.1 फीसदी रह गया।

एनएसई से प्रकाशित ‘मार्केट पल्स’ के अनुसार डीलर वाली सिस्टम में साल दर साल और महीने दर महीना गिरावट आ रही है। इस सिस्टम में कंप्यूटर-टु-कंप्यूटर लिंक (सीटीसीएल) और स्क्रीन पर चलने वाला प्लेटफॉर्म ‘नेशनल एक्सचेंज फॉर ऑटोमेटेड ट्रेडिंग’ (एनईएटी) शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘डीलर वाले रास्ते का इस्तेमाल और भी कम हो गया। सीटीसीएल/एनईएटी टर्मिनलों की हिस्सेदारी महीना दर महीना 124 आधार अंक और साल दर साल 473 आधार अंक घटकर 21.4 फीसदी रह गई।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई नए तरीके आ रहे हैं, जिनसे पता चलता है कि ऑटोमेटेड बुनियादी सुविधाओं को तेजी से अपनाया जा रहा है। साथ ही मोबाइल से सौदे करने वाले निवेशकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।’

सैमको सिक्योरिटीज के कार्यकारी निदेशक और प्रेसिडेंट नीलेश शर्मा का कहना है कि अब फोन करके या ब्रोकर के दफ्तर जाकर ऑर्डर देने वाले निवेशकों की हिस्सेदारी बहुत कम हो गई है और लगातार घट रही है। आज के ज्यादातर सक्रिय कारोबारी मोबाइल ऐप को प्राथमिकता देते हैं। ये ऐप उन्हें रियल-टाइम यानी तत्काल अलर्ट प्रदान करते हैं, जिनमें कीमत के लक्ष्य भी शामिल हैं। यही सूचनाएं किसी वक्त डीलर फोन पर ग्राहकों को देते थे।

शर्मा ने कहा कि ब्रोकरेज फर्मों के लिए सौदे करने वाली बड़ी टीमें रखने के बजाय मोबाइल फोन के जरिये काम करना ज्यादा किफायती भी है। कॉल-ऐंड-ट्रेड सेवाएं लेने वाले ग्राहकों से अक्सर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है, जिससे इनका आकर्षण और भी घट रहा है। शर्मा ने कहा, ‘बहुत से ब्रोकरेज अब कॉल पर सौदे करने का शुल्क लेते हैं, जिससे ग्राहक दूर हो जाते हैं।’

एक पारंपरिक ब्रोकरेज फर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक दशक पहले अधिकांश ग्राहक सौदे करने के लिए डीलरों पर भरोसा करते थे। लेकिन बीच के सालों में ब्रोकिंग उद्योग में बुनियादी बदलाव आ गए और तकनीक के कारण ग्राहक जोड़ना तथा मोबाइल ऐप के जरिये सीधे ट्रेडिंग करना बहुत आसान हो गया।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक ब्रोकरेज फर्मों ने अब तकनीक की खाई पाट दी है। सभी प्रमुख फर्म अब मोबाइल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक ऑनबोर्डिंग कराती हैं मगर ग्राहकों का एक पुराना तबका अब भी ऑर्डर देने से पहले डीलर से बात करना पसंद करता है। इस तबके के पास आम तौर पर युवा और तकनीक को तरजीह देने वाले निवेशकों के मुकाबले बड़ा पोर्टफोलियो होता है। इसकी वजह से डीलरों का काम अब भी चल रहा है।

अ​धिकारी ने फुल सर्विस ब्रोकरों का हवाला देते हुए कहा, ‘इसके उलट डीलरों के पास कर्मचारी बढ़ गए हैं।’ उन्होंने कहा कि डीलरों के पास कर्मचारियों की संख्या ग्राहकों की संख्या के अनुपात में चाहे नहीं बढ़ी हो मगर कुल संख्या बढ़ गई है।

एनएसई के आंकड़े से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025 में 90 फीसदी से ज्यादा सालाना गिरावट के बावजूद सीटीसीएल/एनईएटी माध्यम का वित्त वर्ष 2026 के दौरान कुल कमोडिटी डेरिवेटिव कारोबार में 80.3 फीसदी से ज्यादा हिस्सा रहा।

Advertisement
First Published - April 17, 2026 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement