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लेखक : टी एन नाइनन

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, लेख

बराबरी की होड़, भारत की अर्थव्यवस्था में चीन की अर्थव्यवस्था की तुलना में लगातार दूसरे वर्ष तेज गति से वृद्धि

भारत की अर्थव्यवस्था में चीन की अर्थव्यवस्था की तुलना में लगातार दूसरे वर्ष तेज गति से वृद्धि हो रही है। इस वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की 7 फीसदी वृद्धि दर होने का अनुमान जताया गया है जबकि चीन की अर्थव्यवस्था के महज 3 फीसदी वृद्धि हासिल करने का अनुमान है। इसी प्रकार गत वर्ष […]

संपादकीय

साप्ताहिक मंथन: साल 2022-23 का आम बजट और आर्थिक समीक्षा

हाल के वर्षों में सरकार के बजट की एक आम आलोचना यह रही है कि उसका ध्यान हमेशा पूंजीगत निवेश पर केंद्रित रहता है और सामाजिक क्षेत्रों की अनदेखी की जाती है। उदाहरण के लिए सामाजिक क्षेत्रों की इस अनदेखी को रोजगार गारंटी योजना के वास्ते घटते आवंटन और ​शिक्षा के बजट में ठहराव में […]

आज का अखबार, लेख

साप्ताहिक मंथन

हाल के वर्षों में सरकार के बजट की एक आम आलोचना यह रही है कि उसका ध्यान हमेशा पूंजीगत निवेश पर केंद्रित रहता है और सामाजिक क्षेत्रों की अनदेखी की जाती है। उदाहरण के लिए सामाजिक क्षेत्रों की इस अनदेखी को रोजगार गारंटी योजना के वास्ते घटते आवंटन और ​शिक्षा के बजट में ठहराव में […]

आज का अखबार, लेख

पाकिस्तान: एक अपव्ययी मुल्क

क्या यह पाकिस्तान के दीर्घकालिक पराभव का एक अल्पकालिक क्षण है? पाकिस्तान यात्रा पर आई अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की टीम के साथ 10 दिन की गहन बातचीत के बाद वार्ताकार एक समझौते के करीब पहुंचे हैं कि ऋण जारी करने के बाद संकट से जूझ रही उसकी अर्थव्यवस्था का प्रबंधन किस प्रकार किया जाएगा। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

काफी कुछ दांव पर

सवाल यह है कि बड़े पतन के बाद क्या होता है? अगर अदाणी समूह की कंपनियों के बाजार मूल्य में 120 अरब डॉलर से भी अधिक की गिरावट आई है (इस नुकसान का दो तिहाई से अधिक अकेले गौतम अदाणी को हुआ है) तो तथ्य यह भी है कि समूह का मूल्यांकन अभी भी 100 […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के सवाल

गौतम अदाणी के सामने मुश्किल हालात हैं। अदाणी समूह की कंपनियों की गड़बड़ी के बारे में जारी की गई हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर समूह ने जो खंडन जारी किया है आप उसे संतोषजनक पाएं या नहीं (यह रिपोर्ट में केवल कुछ बिंदुओं को शामिल करता है) लेकिन उसके शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

साप्ताहिक मंथन

चीन से दूरी का सिलसिला लगभग एक दशक से चले आ रहे चरणबद्ध धीमेपन के बाद चीन की वृद्धि में गिरावट की खबरें पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि कई फैक्टरियां और आपूर्ति श्रृंखलाएं अब चीन पर निर्भरता समाप्त कर उससे दूरी बना रही हैं। परंतु […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

जोशीमठ के परे

हिमालय के गढ़वाल इलाके में स्थित तीर्थ जोशीमठ में मिट्टी के धसकने की खबरें लगातार सामने आईं। इसकी वजह से घरों को नुकसान पहुंचा और लोगों की जिंदगी का भी खतरा उत्पन्न हुआ है। इस विषय में प्रकाशित खबरों और टिप्पणियों में उचित ही कहा गया कि अतीत में इससे संबंधित चेतावनियों की अनदेखी की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

वास्तविक आशावाद का समय

नया वर्ष शुरू हो चुका है और टीकाकारों ने अपना ध्यान चालू वित्त वर्ष की संभावित आ​र्थिक वृद्धि (मोटे तौर पर 7 फीसदी से कम रहने का अनुमान) से हटाकर अगले वर्ष पर केंद्रित कर दिया है। बजट के लिए ऐसे अनुमान महत्त्वपूर्ण हैं जो हकीकत के करीब हों। बजट पेश किए जाने में चार […]

आज का अखबार, लेख

वर्षांत की हकीकत

सरकार ने कोविड संबंधी कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण योजना को बंद कर दिया और उसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के माध्यम से वितरित करने की घोषणा की है। अब तक पी​डीएस के तहत चावल तीन रुपये किलोग्राम, गेहूं दो रुपये किलोग्राम और मोटा अनाज एक रुपये किलोग्राम की दर पर बेचा जाता […]

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