Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर बना हुआ है। हालांकि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी उछाल नहीं दिखी है, लेकिन बाजार अब भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 88.86 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसमें 0.66 डॉलर यानी 0.75 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। तेल की कीमतों में यह बढ़त अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद देखने को मिली है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार की सबसे बड़ी चिंता होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर है। दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है।
हालांकि फिलहाल तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे बनी हुई हैं, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली है। लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति बिगड़ने पर कीमतों में और तेजी आ सकती है। इससे पहले अप्रैल में ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जबकि मार्च में यह 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गया था। बाद में युद्धविराम और बड़े देशों द्वारा तेल भंडार जारी करने से कीमतों में कुछ नरमी आई थी।
फिलहाल निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और तेल आपूर्ति पर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाएंगी।