चीन का उभरता बाजार भारत के लिए निर्यात का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय बाजार से भारतीय उत्पादों की मांग में तेजी से कमी आ रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि वाणिज्य मंत्री ने चीन को निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में खासतौर पर फार्मास्यूटिकल्स और […]
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बढ़ते आयात से घरेलू उत्पादों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार कम से कम चार और उत्पदों पर संरक्षण शुल्क लगाने पर विचार कर रही है। सरकारी अधिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि वित्त मंत्रालयस के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेफगार्ड्स घरेलू उत्पादकों की इस मामले से जुड़ी चार शिकायतों पर […]
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देश में सीमेंट आयात पर लगने वाला काउंटरवेलिंग शुल्क (सीवीडी), जिसे जनवरी में घरेलू कंपनियों को राहत देने और सीमेंट की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए फिर से लगाया गया था, हटाया जा सकता है। इस संदर्भ में चुनाव के बाद निर्णय लिए जाने की संभावना है। बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के अनुसार, […]
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देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी एसीसी कुछेक हफ्ते में राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की कीमतें पुनर्निधारित कर सकती है। कीमतों में कटौती और बढ़ोतरी दोनों हो सकती है। बिक्री के लिहाज से 8,000 करोड़ रुपये की कंपनी एसीसी, जो साल 2010 तक अपनी कुल क्षमता 226.30 लाख टन से बढ़ा कर 305.80 […]
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चालू वित्त वर्ष में भारत काली मिर्च का शुध्द आयातक बन सकता है क्योंकि घरेलू और वैश्विक बाजारों की कीमतों का अंतर स्पष्ट तौर पर भारी मात्रा में काली मिर्च के आयात के पक्ष में हैं। जनवरी 2009 से भारतीय और वैश्विक कीमतों, खास तौर से वियतनाम के काली मिर्च की कीमतों , में भारी […]
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टेक्सटाइल उद्योग की गाड़ी पटरी पर चढ़ती नजर आ रही है। होजरी से लेकर गारमेंट्स तक की मांग में गत जनवरी-फरवरी के मुकाबले 8-10 फीसदी की तेजी दर्ज की गयी है। दूसरी तरफ धागे की कीमत में बढ़ोतरी से ठप पड़ी स्पिनिंग मिलों की मशीनें भी चलने लगी हैं। हालांकि टेक्सटाइल उद्यमी इस तेजी के […]
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घरेलू सीमेंट उद्योग के लिए वित्त वर्ष 2010 में बहुत निराशाजनक स्थिति नहीं होगी। पहले ऐसा अनुमान लगाया गया था कि सीमेंट उद्योग की स्थिति बेहतर नहीं होगी। संभावना है कि सीमेंट की कीमतों में ज्यादा गिरावट नहीं होगी। मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान भवन निर्माण की वस्तुओं में 10-15 फीसदी के […]
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इस सीजन में अत्यधिक गर्मी की वजह ने औद्योगिक खिलाड़ियों को साल 2008-09 के अरंडी उत्पादन के आकलनों में सुधार करने के लिए बाध्य कर दिया है। तापमान में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए शीर्ष औद्योगिक इकाई सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) का अनुमान है कि अरंडी के उत्पादन में 10 प्रतिशत की कमी आएगी। उल्लेखनीय […]
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भारत में अंगूरों के लिए बेहद मशहूर नासिक जिले में पिछले साल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2008-09 में अंगूर निर्यात में 0.42 फीसदी तक की मामूली गिरावट देखी गई है। इसकी वजह वैश्विक मंदी के साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार 175 करोड़ रुपये तक होना है। पिछले सात-आठ सालों में नासिक अंगूर निर्यात में […]
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कपास के अत्यधिक उत्पादन के मामले में गुजरात इस साल अपना प्रथम स्थान खो सकता है। अपेक्षाकृत कम कपास उत्पदन और नकली बीटी कपास बीजों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण अनुमान है कि गुजरात में कपास की उपज में इस साल भारी कमी आएगी। दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश साल 2008-09 […]
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