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तेल कीमतों में नरमी और डॉलर कमजोर होने से रुपया मजबूत, 95 से नीचे आया

रुपया फिलीपींस के पेसो, दक्षिण कोरियाई वॉन और इंडोनेशियाई रुपिया के बाद एशिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक रहा

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- June 12, 2026 | 11:33 PM IST

प​श्चिम ए​शिया में युद्ध थमने की उम्मीद से तेल के दाम में नरमी के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में आज अच्छी मजबूती आई। कारोबार के दौरान रुपया सुधरकर 95 प्रति डॉलर से नीचे 94.94 के स्तर तक आ गया था। हालांकि कारोबार की समा​प्ति पर यह 95.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया 95.76 पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में विदेशी मुद्रा विनियम के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘गुरुवार को हुए नुकसान की भरपाई करते हुए रुपये आज संभल गया। बाजार के बेहतर होते माहौल, कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों से डॉलर के कमजोर होने का रुपये को फायदा मिला।’

डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.68 फीसदी की तेजी आई। इससे रुपया फिलीपींस के पेसो, दक्षिण कोरियाई वॉन और इंडोनेशियाई रुपिया के बाद एशिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक रहा। आज की तेजी के बावजूद इस हफ्ते रुपये में डॉलर के मुकाबले 0.18 फीसदी की गिरावट रही।

सीआर फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी ने कहा, ‘रुपये के लिए रुझान सकारात्मक बना हुआ है। अगर विदेशी निवेश में सुधार जारी रहता है और बाहरी हालात मददगार रहते हैं तो रुपये के 94.80 से नीचे आने और 94.50 से 94.00 के दायरे की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।’

फरवरी के अंत में प​श्चिम ए​शिया में युद्ध शुरू होने के बाद से डॉलर के मुकाबले रुपये में 4.35 फीसदी की गिरावट आई है।

डीलरों ने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी नरमी देखी गई। 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 9 आधार अंक घटकर 6.89 फीसदी रही। गुरुवार को यह 6.92 फीसदी थी।

एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों और कच्चे तेल की कीमतों व अमेरिकी यील्ड में गिरावट की वजह से बॉन्ड बाजार में अभी काफी उम्मीदें हैं।’
10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 9 आधार अंक गिरकर 4.47 फीसदी रह गई।

First Published : June 12, 2026 | 11:33 PM IST