Summer Crop Sowing 2026: इस साल ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में सुस्ती देखने को मिल रही है। सामान्य रकबा के 50 फीसदी से ज्यादा क्षेत्रफल में इन फसलों की बोआई हो चुकी है और इस दौरान पिछले सप्ताह तक इन फसलों के रकबा में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कमी आई है। हालांकि दलहन फसलों की बोआई में वृद्धि देखने को मिल रही है।
2026 में ग्रीष्मकालीन फसलों की कितनी हुई बोआई?
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 20 मार्च तक देश में ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल रकबा 42.68 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, पिछली समान अवधि यह रकबा 43.69 लाख हेक्टेयर था। इस तरह इस साल 20 मार्च तक पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में 2.33 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 2025 में ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल रकबा 83.92 लाख हेक्टेयर था, जबकि इन फसलों का सामान्य रकबा 75.37 लाख हेक्टेयर है। इस लिहाज से अब तक इन फसलों की सामान्य रकबा के आधे से ज्यादा क्षेत्र में बोआई हो चुकी है।
दलहन फसलों की बोआई बढ़ी
ग्रीष्मकालीन फसलों की कुल बोआई में भले कमी देखने को मिल रही हो, लेकिन दलहन फसलों की बोआई में इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 मार्च तक इस ग्रीष्मकालीन सीजन में 4.09 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल इसी अवधि के रकबा 3.47 लाख हेक्टेयर से 17.89 फीसदी ज्यादा है। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा करीब 18 फीसदी बढ़कर 2.57 लाख हेक्टेयर और उड़द का रकबा करीब 11.50 फीसदी बढ़कर 1.28 लाख हेक्टेयर हो गया। 2025 में कुल दलहन क्षेत्रफल 27.07 लाख हेक्टेयर था। इनका सामान्य रकबा 23.40 लाख हेक्टेयर है।
चावल, तिलहन व मोटे अनाजों का रकबा घटा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल 20 मार्च तक ग्रीष्मकालीन चावल की बोआई 2.77 फीसदी घटकर 27.86 लाख हेक्टेयर रह गई। श्रीअन्न व मोटे अनाज का रकबा 11.71 लाख हेक्टेयर घटकर 6.04 लाख हेक्टेयर रह गया। पिछले साल इस सीजन में 20 मार्च तक 4.69 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई गईं थी, जबकि इस साल इसी अवधि में 4.73 लाख हेक्टेयर में ये फसलें बोई गई हैं। इन फसलों का पिछले साल कुल रकबा 9.51 लाख हेक्टेयर था। वहीं तिलहन फसलों का इस सीजन में सामान्य रकबा 8.40 लाख हेक्टेयर है। तिलहन फसलों में मूंगफली का रकबा पिछले साल 2.97 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर ही है, जबकि तिल का रकबा करीब 5 फीसदी घटकर 1.35 लाख हेक्टेयर रह गया।
First Published : March 24, 2026 | 3:26 PM IST