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2025 तक बंद हो सकते हैं 30% GenAI प्रोजेक्ट: गार्टनर रिपोर्ट

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खराब डेटा, सही तरह से जोखिम नाप न पाना, और ज्यादा खर्च जैसी वजहों से कंपनियों को हो रही हैं मुश्किलें

Last Updated- July 29, 2024 | 7:37 PM IST
Artificial Intelligence

Gartner नाम की एक कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, आजकल जितने भी GenAI के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनमें से लगभग 30 प्रतिशत को साल 2025 तक बंद कर दिया जाएगा। इसकी वजहें हैं खराब डेटा, सही तरह से जोखिम नाप न पाना, बहुत ज्यादा खर्च होना और ये समझ नहीं पाना कि इससे बिज़नेस को कितना फायदा होगा।

गार्टनर की एक जानकार रीता सल्लाम ने कहा कि पिछले साल इस तकनीक को लेकर बहुत ज्यादा चर्चा हुई थी, लेकिन अब कंपनियों को जल्दी से फायदा चाहिए। लेकिन उन्हें ये साबित करने में दिक्कत हो रही है कि इस पर किया गया पैसा सही जगह लगा है। साथ ही, इस तरह के प्रोजेक्ट्स पर बहुत पैसा लग रहा है।

कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो साबित कर पाएं कि AI पर इतना पैसा लगाने से काम बढ़ेगा और इससे उन्हें कितना फायदा होगा।

AI पर खर्च ज़्यादा, फायदा बाद में

रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां GenAI का इस्तेमाल अपने बिज़नेस को बदलने और नए मौके ढूंढने के लिए कर रही हैं। लेकिन ऐसा करने में उन्हें बहुत पैसा खर्च करना पड़ रहा है, जो करोड़ों में जा सकता है।

गार्टनर की एक जानकार ने कहा कि हर कंपनी के लिए एक ही तरीका काम नहीं कर रहा है और ये पता लगाना मुश्किल है कि कितना पैसा लगेगा। आप क्या करना चाहते हैं, किस चीज़ पर पैसा लगा रहे हैं, और कैसे इसे इस्तेमाल कर रहे हैं, इन सब बातों से खर्च तय होता है। चाहे आप बाज़ार में सबसे आगे रहना चाहते हों या बस अपने काम को थोड़ा बेहतर बनाना चाहते हों, हर चीज़ के अपने खर्चे, जोखिम और फायदे हैं।

गार्टनर का कहना है कि GenAI में पैसा लगाने के लिए कंपनियों को धैर्य रखना होगा। शुरुआत में शायद ज़्यादा फायदा न मिले, लेकिन बाद में इसका लाभ दिखेगा।

पैसा लगाने में हिचकिचाहट

रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर कंपनियों के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को आज पैसा लगाकर भविष्य में होने वाले फायदे पर भरोसा नहीं होता है। इस वजह से वे ज़्यादा पैसा मौजूदा कामों पर लगाते हैं, न कि नए काम शुरू करने पर।

रिसर्च में ये भी बताया गया है कि जो कंपनियां GenAI का जल्दी इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें कई फायदे हो रहे हैं, जैसे कि ज्यादा कमाई, कम खर्च, और ज़्यादा काम। लेकिन ये फायदे हर कंपनी, काम, और कर्मचारी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार इन फायदों को देखने में समय लगता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ये फायदे नहीं होंगे।

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First Published - July 29, 2024 | 7:37 PM IST

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