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2023 में भारत की 64% कंपनियों को करना पड़ा रैनसमवेयर हमलों का सामना, 65% को देनी पड़ी फिरौती

हमलावरों ने इन कंपनियों से औसतन 48 लाख अमेरिकी डॉलर फिरौती के रूप में मांगे, जबकि 62 प्रतिशत मांगें 10 लाख डॉलर से अधिक थीं।

Last Updated- May 14, 2024 | 5:16 PM IST
Indians lost Rs 485 crore in UPI fraud, 6.32 lakh cases registered UPI धोखाधड़ी में भारतीयों ने गंवाए 485 करोड़ रुपये, 6.32 लाख मामले दर्ज हुए

बीते साल यानी 2023 में लगभग 64 प्रतिशत भारतीय कंपनियां रैनसमवेयर हमलों (Ransomware attacks) से प्रभावित हुईं। एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है।

सोफोस की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सालाना आधार पर इन हमलों में गिरावट आई है, लेकिन पीड़ितों पर इनका वास्तविक प्रभाव बढ़ गया है।

हमलावरों ने इन कंपनियों से औसतन 48 लाख अमेरिकी डॉलर फिरौती के रूप में मांगे, जबकि 62 प्रतिशत मांगें 10 लाख डॉलर से अधिक थीं। वैश्विक साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता की रिपोर्ट में कहा गया कि दी गई फिरौती औसतन 20 लाख अमेरिकी डॉलर थी।

रैनसमवेयर दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर या मैलवेयर को दर्शाता है। ये कंप्यूटर, नेटवर्क शेयर, बैकअप और सर्वर पर फाइलों को कब्जे में ले लेता है और फिर हमलावर फाइलों को अनलॉक करने के लिए उपयोगकर्ताओं से धन की मांग करता है।

सोफोस की ‘भारत में रैनसमवेयर की स्थिति 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों के खिलाफ रैनसमवेयर हमलों की दर पिछले अध्ययन (2022) के 73 प्रतिशत से घटकर 2023 में 64 प्रतिशत रह गई।

हालांकि, इस दौरान फिरौती की मांग और दी गई रकम में बढ़ोतरी हुई। सर्वेक्षण में भारत के 500 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया।

First Published - May 14, 2024 | 5:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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