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आने वाले समय में एआई एजेंट बन सकते हैं सबसे बड़ा साइबर खतरा: Zscaler CEO Jay Chaudhry

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जय चौधरी के अनुसार एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से भविष्य में एआई एजेंट संगठनों के लिए सबसे बड़ा साइबर सुरक्षा जोखिम बन सकते हैं।

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अविक दास   
Last Updated- March 09, 2026 | 10:01 AM IST

साइबर सुरक्षा फर्म जीस्केलर के मुख्य कार्याधिकारी, चेयरमैन और संस्थापक जय चौधरी पिछले महीने एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत में थे। अविक दास के साथ बातचीत में उन्होंने एआई से जुड़े सुरक्षा जोखिमों, भारत में संचालन और एआई एजेंटों के संदर्भ में आगामी सुरक्षा चिंताओं पर बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

सॉवरिन एआई से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिम क्या हैं?

यदि आप अपने द्वारा बनाए गए सॉवरिन एआई में पांच साल पीछे हैं, तो यह देश के लिए बुरी बात है। और टेक्नॉलजी में समय लगता है। तो, पहला, भारत को सॉवरिन एआई की ओर बढ़ते रहना चाहिए। लेकिन अगर आप टेक्नॉलजी में तीन साल पीछे हैं, तो आप पिछड़ रहे हैं। आप वहां प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। साइबर में, यह किसी भी अन्य क्षेत्र से अधिक महत्त्वपूर्ण है। यदि आपके द्वारा बनाई जा रही साइबर टेक्नॉलजी तीन साल पीछे है, तो इसका मतलब है कि बुरे लोग अंदर घुस सकते हैं। सॉवरिन एआई और एडवांस्ड टेक्नॉलजी के बीच संतुलन एक मुख्य बात है जिसे लोगों को नहीं भूलना चाहिए।

एआई की वजह से किस तरह के नए साइबर सुरक्षा खतरे सामने आ रहे हैं?

मोटे तौर पर, साइबर सुरक्षा में दो तरह के लोग शामिल हैं। एक हैकर समूह हैं जो जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं। दूसरा ग्रुप देशों हैं, जो आईपी चुराना चाहते हैं और युद्ध होने की स्थिति में फायदा उठाना चाहते हैं। इसके लिए, वे आपके नेटवर्क में कंपनी, पावर ग्रिड आदि में बैक डोर और इन सभी बॉटनेट को एम्बेड करना चाहते हैं जो अनिवार्य रूप से स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर हैं।  मुझसे सीएफओ के एक समूह ने पूछा कि साइबर पर इतना पैसा खर्च करने के बावजूद ये हमले क्यों होते रहते हैं। इंटरनेट के लिए खुला हर पॉइंट एक अटैक सरफेस है। यह आपका फायरवॉल, वीवीएन और ऐप्लीकेशन पोर्टल है। अतीत में, हैकरों को टारगेट के अटैक सरफेस के बारे में जानकारी जुटाने में कई सप्ताह लगते थे। अब वे एआई की मदद से सब कुछ पूछ सकते हैं। 30 सेकंड से भी कम समय में, आपके पास पूरी तस्वीर उपलब्ध हो जाती है।

भारत में आपके परिचालन का दायरा कितना बड़ा है?

सिलिकन वैली में ऑफिस खोलने से पहले हमने जीस्केलर के लिए बेंगलूरु में ऑफिस खोला था। हमारे लगभग 40 फीसदी कर्मचारी भारत में हैं, जो बेंगलूरु, चंडीगढ़, पुणे और हैदराबाद में काम करते हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ट्रेनिंग टीम का लगभग आधा हिस्सा भारत में है। यह अमेरिका के बाहर हमारे लिए सबसे बड़ा सेंटर है।

आपको अपने ग्राहकों से कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है?

वे सभी इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि वे एआई का फायदा उठाकर व्यवसाय को ज्यादा मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाएं। यह एक बड़ी चिंता है जो उद्यमों में हर किसी को होती है। आज उपयोगकर्ता साइबर सुरक्षा के लिए सबसे कमजोर कड़ी है। अक्सर उपयोगकर्ता लापरवाह हो जाता है, जिससे आइडेंटिटी थेफ्ट का जोखिम बढ़ता है। कल एआई एजेंट आपके लिए सबसे बड़ा जोखिम होंगे। आपके उद्यम में बहुत सारे एजेंट हैं जो हर तरह की जानकारी एक्सेस कर रहे हैं।

First Published : March 9, 2026 | 10:01 AM IST