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बढ़ते घाटे से परेशान Air India, बोर्ड बैठक में हुए बड़े फैसले

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, महंगे ईंधन और लंबे उड़ान मार्गों के बीच एयर इंडिया ने लागत घटाने और मुनाफा बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की

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दीपक पटेल   
Last Updated- May 08, 2026 | 8:54 AM IST

एयर इंडिया बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में एयरलाइन के वित्तीय प्रदर्शन, लागत प्रबंधन उपायों और सीईओ के उत्तराधिकार योजनाओं की समीक्षा की गई। मामले के जानकार सूत्रों का कहना है कि बैठक ऐसे समय हुई है जब टाटा समूह के स्वामित्व वाली यह एयरलाइन पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के कारण ईंधन की बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी दिकक्तों का सामना कर रही है।

बैठक की अध्यक्षता एन चंद्रशेखरन ने की। बैठक ऐसे समय हुई है, जब अनुमान लगाया जा रहा है कि एयरलाइन को वित्त वर्ष 2026 में 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। यह नुकसान वित्त वर्ष 2025 में दर्ज लगभग 10,859 करोड़ रुपये के संयुक्त नुकसान से काफी ज्यादा है। बिजनेस स्टैंडर्ड के ईमेल सवालों का एयर इंडिया ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

सूत्रों ने कहा कि बोर्ड ने ऊंची विमानन ईंधन (एटीएफ) कीमतों, पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर पाबंदियों के कारण उड़ानों की अवधि बढ़ने और भारतीय एयरलाइनों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के लगातार बंद रहने के बीच मुनाफा बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। बिगड़ते परिचालन माहौल ने भारतीय विमानन कंपनियों पर काफी असर डाला है।

एविएशन एनालिटिक्स फर्म सीरियम के आंकड़ों के अनुसार भारतीय एयरलाइनों ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में मई में 1,034 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कम कर दी हैं, जो लगभग 25 प्रतिशत की कटौती है। भारतीय एयरलाइनों में सबसे ज्यादा कमी एयर इंडिया ग्रुप ने की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस का अंतरराष्ट्रीय परिचालन 959 साप्ताहिक उड़ानों से घटकर 451 रह गया है, जो 53 प्रतिशत की गिरावट है। एयर इंडिया ने अपनी साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 288 की कमी की है, जिससे अब यह संख्या सिर्फ 881 रह गई है।

एयर इंडिया के बोर्ड ने गुरुवार को लागत-प्रबंधन के अतिरिक्त उपायों का भी आकलन किया, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय मार्ग लंबे होने के कारण कम लाभदायक हो गए हैं। इसकी वजह से एटीएफ की ऊंची कीमतों के बीच ईंधन की खपत भी बढ़ गई है।

सूत्रों ने बताया कि एयरलाइन अपनी फ़्लाइट शेड्यूल को और ज्यादा व्यवस्थित कर सकती है और अतिरिक्त राजस्व की रणनीतियों की समीक्षा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में स्टाफ की सैलरी, सालाना इंक्रीमेंट और बोनस भुगतान पर भी चर्चा हुई। बैठक का एक अहम एजेंडा विल्सन के उत्तराधिकारी की तलाश था, जिनके इस साल के आखिर में पद छोड़ने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि बोर्ड के सदस्यों ने न सिर्फ अगले मुख्य कार्यकारी के चुनाव पर चर्चा की, बल्कि यह सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी बात की कि नेतृत्व में बदलाव सहजता से हो।

First Published : May 8, 2026 | 8:54 AM IST