प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
पायलटों को लुभाने की प्रतिस्पर्धियों की कोशिशों के बीच अकासा एयर ने नई दीर्घकालिक प्रोत्साहन योजना का ऐलान किया है। इसके तहत कॉकपिट क्रू को कंपनी में बनाए रखने के लिए कैप्टन और ट्रेनी कैप्टन को 25 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी मिली है।
सोमवार को पायलटों को भेजे गए ईमेल में अकासा एयर के निदेशक (उड़ान परिचालन) संकेत लिमये ने कहा कि विमानन कंपनी अपनी दीर्घकालिक प्रोत्साहन योजना (एलटीआईपी) के दूसरे संस्करण की शुरुआत कर रही है। इसके तहत कैप्टन (सभी श्रेणी वाले) और ट्रेनी कैप्टन 25 लाख रुपये के प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जबकि सीनियर फर्स्ट ऑफिसर 10 लाख रुपये के लिए पात्र होंगे।
यह प्रोत्साहन तुरंत नहीं दिया जाएगा, बल्कि अगले तीन वर्षों के दौरान तीन किस्तों में – 31 अगस्त, 2027 तक 15 प्रतिशत, 31 अगस्त, 2028 तक 25 प्रतिशत और शेष 60 प्रतिशत 31 अगस्त, 2029 तक दिया जाएगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पायलट संबंधित भुगतान तिथियों के समय विमानन कंपनी के साथ बने रहें।
लिमये ने कहा कि एलटीआईपी का दूसरा संस्करण पायलटों द्वारा विमानन को ‘आने वाली पीढ़ियों के लिए’ बनाने की प्रतिबद्धता की पहचान के लिहाज से तैयार किया गया है। अकासा एयर ने इस मामले में बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया।
योजना के तहत 1 अगस्त, 2026 तक पायलट के पद से भुगतान श्रेणी का निर्धारण होगा। लिमये ने पायलटों से कहा, ‘जैसे-जैसे हम बढ़ रहे हैं, हम अपनी सफलता को उन लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो इसे संभव बनाते हैं।’
अकासा ने एलटीआईपी के पहले संस्करण की शुरुआत साल 2024 में तब की थी, जब विमानों की डिलिवरी धीमी हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप कई पायलट नियमित उड़ान कार्यभार के बिना ही रह गए थे। यह योजना ऐसे समय में शुरू की गई थी ताकि प्रशिक्षित कॉकपिट क्रू को बेड़े की सीमित वृद्धि वाली अवधि के दौरान बरकरार रखा जा सके। पहला संस्करण अगस्त 2024 और अगस्त 2026 के बीच लागू होना था।
यह नई प्रोत्साहन योजना ऐसे समय में आई है, जब देश के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र में अनुभवी पायलटों के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। ऐसा इसलिए कि विमानन कंपनियां बेड़े के बढ़ने और नेटवर्क के विस्तार के साथ अपने कॉकपिट कर्मियों को मजबूत करना चाहती हैं।
अकासा एयर के बेड़े में 35 विमान हैं और ये सभी बोइंग 737 मैक्स हैं। इनमें से 9 विमान जनवरी 2025 के बाद से जोड़े गए हैं। प्लेनस्पोटर्स के अनुसार इसके विपरीत एयर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े में 105 विमान हैं और जनवरी 2025 से 15 बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल किए गए हैं।