अमेज़न इंडिया ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने और कर्मचारियों की सुरक्षा व सुविधा बढ़ाने के लिए 2,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगा। कंपनी का यह निवेश उसके बड़े प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत वह 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एक्सपोर्ट और रोजगार के क्षेत्र में 35 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करने वाली है।
अमेज़न इंडिया अपने फुलफिलमेंट सेंटर, सॉर्टेशन हब और डिलीवरी स्टेशनों को और बढ़ाने और अपग्रेड करने की योजना बना रही है। इससे खासकर छोटे शहरों यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिलीवरी की स्पीड और क्षमता बढ़ेगी। कंपनी अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘Amazon Now’ का भी विस्तार कर रही है, जो पहले से कई बड़े शहरों में सक्रिय है और मिनटों से लेकर कुछ दिनों में डिलीवरी की सुविधा देता है।
अमेज़न ने 2025 में भी करीब 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसके तहत 17 नए फुलफिलमेंट सेंटर, 6 सॉर्टेशन सेंटर और 75 डिलीवरी स्टेशन शुरू किए गए थे। इसके अलावा 300 से ज्यादा माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर भी बनाए गए हैं।
कंपनी ने कहा है कि उसके नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी हैं। इसलिए वह उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति सुधारने पर खास ध्यान दे रही है। इसके तहत वेयरहाउस में बेहतर वेंटिलेशन, तापमान नियंत्रण, आराम के लिए जगह, साफ पानी की सुविधा और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
अमेज़न अपने ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है। इसके जरिए ड्राइवर की सुरक्षा, रूट प्लानिंग और काम के संतुलन को बेहतर बनाया जाएगा। ड्राइवर ऐप में भी सुधार किए जा रहे हैं, जिससे नेविगेशन आसान होगा और कमाई की जानकारी साफ दिखेगी।
भारत में अमेज़न को फ्लिपकार्ट, जियोमार्ट, बिगबास्केट और क्विक कॉमर्स कंपनियों जैसे ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और जेप्टो से कड़ी टक्कर मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी 120 से 140 अरब डॉलर का है, जो 2030 तक बढ़कर 280 से 300 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।