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आंध्र में ₹2,550 करोड़ का मेगा दांव! बैटरी के ‘दिल’ कैथोड मटीरियल प्लांट से बदलेगा EV गेम

आंध्र प्रदेश में ₹2,550 करोड़ के निवेश से कैथोड मटीरियल प्लांट लगने से भारत की बैटरी और EV मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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शाइन जेकब   
Last Updated- April 18, 2026 | 10:07 AM IST

देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक मटीरियल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए रणनीतिक कदम के तहत आंध्र प्रदेश सरकार ने एनपीएसपीएल स्पेशलिटी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चित्तूर जिले में कैथोड मटीरियल बनाने वाली फैक्टरी लगाने के लिए 2,550 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है।

यह परियोजना गुडुपल्ले मंडल में 105 एकड़ में फैली हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी की मूल्य श्रृंखला के सबसे अहम हिस्सों में से एक का स्थानीय स्तर पर विनिर्माण करने की दिशा में यह अहम कदम है। कैथोड मटीरियल लीथियम-आयन बैटरी में काम करने वाला मुख्य हिस्सा होता है। यह बैटरी के प्रदर्शन, ऊर्जा घनत्व, जीवनचक्र और सुरक्षा तय करता है।

आंध्र प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जा विनिर्माण नीति 4.0 (2025-30) के तहत मंजूरी की गई यह परियोजना सब-असेंबली और बेयर कंपोनेंट की आपूर्ति श्रृंखला के तहत आती है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी बुनियादी भूमिका को दर्शाता है।

ली-आयन बैटरी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ते कई क्षेत्रों में होता है, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी (कारों, दोपहिया वाहनों और वाणिज्यिक ईवी बेड़ों को चलाने के लिए), उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (स्मार्टफोन, लैपटॉप, वियरेबल पोर्टेबल उपकरण) तथा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम या बीईएसएस और अक्षय ऊर्जा को जोड़ने के लिए ग्रिड-स्केल स्टोरेज।

कैथोड मटीरियल सभी आधुनिक बैटरी का जरूरी हिस्सा होता है और इस तरह सभी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र का भी।

इस परियोजना से आंध्र प्रदेश दो बड़े रुझानों के केंद्र में आ जाता है यानी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का विस्तार और वैश्विक ऊर्जा का इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में बढ़ना।

बैटरी की लागत और तकनीक में अंतर का एक बड़ा हिस्सा कैथोड मटीरियल का ही होता है। घरेलू क्षमता तैयार करके भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है। खासकर उन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जो कुछ ही जगहों पर केंद्रित हैं तथा वह ईवी, अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

First Published : April 18, 2026 | 10:07 AM IST