कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) को बोर्ड से 1200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
अशोक लेलैंड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने बताया कि बोर्ड ने अपनी होल्डिंग कंपनी Optare PLC UK के माध्यम से इक्विटी के रूप में स्विच मोबिलिटी में 1,200 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है।
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल यूनिट के कैपिटल एक्सपेंडिचर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और भारत और ब्रिटेन के कारोबार से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
Ashok Leyland ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि इस रकम का उपयोग अगले कुछ महीनोंं में किया जाएगा। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से करेगी। इस निवेश योजना पर अमल कुछ और जरूरी मंजूरियों के मिलने के बाद होगा।
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स्विच ग्रुप ऑफ कंपनीज (स्विच मोबिलिटी लिमिटेड – यूके और स्विच मोबिलिटी ऑटोमोटिव लिमिटेड – भारत) में सीवी प्रमुख, अशोक
लीलैंड की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पहल है, जो ई-बस और ई-एलसीवी पर ध्यान केंद्रित करती है।
पिछले कुछ सालों में, स्विच इंडिया को राज्य परिवहन उपक्रमों से ऑर्डर हासिल करने में बड़ी सफलता मिली है। आज की तारीख में, भारत और यूके में स्विच की 800 से अधिक बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं और साथ ही 1,200 से अधिक बसों की ऑर्डर बुक है।
स्विच इंडिया ने पिछले साल भारत की एकमात्र डबल डेकर ई-बस को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था।
सितंबर 2023 में, स्विच इंडिया ने अपने अत्याधुनिक ई-एलसीवी लॉन्च किए।
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कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित ई-एलसीवी के लिए 13,000 से अधिक वाहनों के MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनकी डिलीवरी वह चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही से शुरू करेगी।