कंपनियां

Axis Bank Q4 Results: नेट प्रॉफिट 0.6% घटकर ₹7,071 करोड़ रहा, ₹1 के डिविडेंड का ऐलान

पिछले साल की इसी तिमाही (7,117 करोड़ रुपये) के मुकाबले यह मुनाफा करीब 0.6 प्रतिशत कम है, लेकिन फिर भी इसने बाजार के जानकारों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- April 25, 2026 | 1:50 PM IST

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज एक्सिस बैंक ने शनिवार को बीते वित्त वर्ष (2025-26) की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। बीती तिमाही बैंक का नेट प्रॉफिट 7,071 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि, पिछले साल की इसी तिमाही (7,117 करोड़ रुपये) के मुकाबले यह मुनाफा करीब 0.6 प्रतिशत कम है, लेकिन फिर भी इसने बाजार के जानकारों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। बाजार को उम्मीद थी कि मुनाफा 6,989 करोड़ रुपये के आसपास रहेगा, पर बैंक उससे थोड़ा आगे ही रहा।

बैंक की कमाई का मुख्य जरिया यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 14,457 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। अगर पिछली तिमाही (दिसंबर तिमाही) से तुलना करें, तो मुनाफे में 9 प्रतिशत की अच्छी बढ़त देखी गई है। बैंक ने अपने शेयरधारकों के लिए 1 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की भी सिफारिश की है।

एसेट क्वालिटी में सुधार, भविष्य के लिए की तगड़ी तैयारी

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी कर्ज के मामले में अच्छी खबर आई है। बैंक का ग्रॉस NPA (GNPA), जो पिछले साल 1.40 प्रतिशत था, अब घटकर 1.23 प्रतिशत रह गया है। इसका मतलब है कि बैंक का जो पैसा फंसा हुआ था, उसमें कमी आई है। नेट NPA भी गिरकर 0.37 प्रतिशत पर आ गया है, जो बैंक के लिए राहत की बात है।

Also Read: HDFC Bank Q4 Results: मुनाफे में 9% की शानदार बढ़त, ₹19,221 करोड़ पहुंचा नेट प्रॉफिट

एक खास बात यह रही कि बैंक ने इस बार प्रोविजंस (भविष्य के जोखिम के लिए रखा गया पैसा) में काफी बढ़ोतरी की है। बैंक ने 3,522 करोड़ रुपये प्रोविजंस के लिए अलग रखे हैं। इसमें 2,001 करोड़ रुपये तो केवल इसलिए अलग रखे गए हैं ताकि दुनिया भर में जो उथल-पुथल चल रही है, उससे बैंक की बैलेंस शीट पर कोई बुरा असर न पड़े। बैंक का कहना है कि यह एक ‘सावधानी’ वाला कदम है, न कि कर्ज डूबने का संकेत।

लोन देने में 19% की ग्रोथ और डिजिटल बैंकिंग में दबदबा

एक्सिस बैंक ने कर्ज बांटने के मामले में काफी रफ्तार दिखाई है। बैंक द्वारा दिए गए कुल कर्ज (Advances) में 19 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है, जो अब 12.34 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कॉर्पोरेट सेक्टर और छोटे उद्योगों (SME) ने जमकर लोन लिए हैं। वहीं बैंक में जमा होने वाले पैसे (Deposits) में भी 14 प्रतिशत का उछाल आया है।

डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में भी एक्सिस बैंक का जलवा बरकरार है। UPI पेमेंट के मामले में बैंक की बाजार हिस्सेदारी करीब 36 प्रतिशत है। बैंक ने इस एक तिमाही में ही 10 लाख से ज्यादा नए क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। हालांकि, इस दौरान बैंक को ट्रेडिंग में करीब 606 करोड़ रुपये का घाटा भी हुआ, जिसका असर मुनाफे पर पड़ा। शुक्रवार को बैंक का शेयर 1,362 रुपये पर बंद हुआ था और पिछले एक साल में इसने निवेशकों को करीब 17 प्रतिशत का मुनाफा दिया है।

First Published : April 25, 2026 | 1:40 PM IST