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बजाज समूह के 100 साल: ‘हमारा बजाज’ से देश की सबसे सफल रिटेल लेंडर बनने तक का सफर

बजाज ऑटो से शुरू हुआ सफर अब बजाज फाइनैंस और फिनसर्व के दम पर देश के सबसे सफल कारोबारी समूहों में शामिल

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कृष्ण कांत   
Last Updated- May 13, 2026 | 9:12 AM IST

इस वर्ष अपने 100 साल पूरा कर रहा बजाज समूह हाल के दशकों में वित्तीय रूप से देश के सबसे सफल परिवार-स्वामित्व वाले कारोबारी समूहों में से एक रहा है। पिछले 25 वर्षों से समूह का आकार लगातार हर पांच साल में दोगुना हो रहा है। इसका श्रेय समय पर इसकी विविधता वाली रणनीति को जाता है। समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त राजस्व वित्त वर्ष 2000 में 4,782 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 25 में बढ़कर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि के दौरान समूह की कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2000 के 621.5 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 22,982.2 करोड़ रुपये हो गया।

वर्ष 2000 के बाद से समूह का संयुक्त राजस्व 16.2 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ा है। इसी अवधि में समूह के संयुक्त शुद्ध लाभ में 15.5 प्रतिशत की सीएजीआर बढ़ोतरी हुई है। विभिन्न कारोबारों और आर्थिक चक्रों में समूह के राजस्व और लाभ में इस लगातार वृद्धि का श्रेय विकास के नए क्षेत्रों में समय-समय पर की गई इसकी कारोबारी विविधता को जाता है। साथ ही इस दौरान समूह ने बड़े अधिग्रहणों को लेकर अपने वित्तीय और प्रबंधन संबंधी संसाधनों को भी बर्बाद नहीं किया।

शेयर बाजार में बजाज समूह की 11 कंपनियां सूचीबद्ध हैं। लेकिन समूह के संयुक्त राजस्व, लाभ और बाजार पूंजीकरण में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी तीन कंपनियों – बजाज फिनसर्व और इसकी सूचीबद्ध सहायक कंपनी बजाज फाइनैंस तथा बजाज ऑटो की रहती हैं। बजाज ऑटो समूह की धनोपार्जन करने वाली कंपनी बनी हुई है। यह प्रवर्तकों और समूह की होल्डिंग कंपनियों – बजाज होल्डिंग्स ऐंड इन्वेस्टमेंट्स के लिए लाभांश की सबसे बड़ी स्रोत है। अलबत्ता बजाज फिनसर्व समूह के लिए बढ़ोतरी का प्रमुख संचालक है।

जहां 1990 के दशक और 2000 के दशक के शुरुआती सालों में बजाज ऑटो देश में दोपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में शामिल थी, वहीं अब यह समूह बजाज फाइनैंस के जरिये बैंकिंग प्रणाली के बाहर देश की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली खुदरा ऋणदाता फ्रैंचाइजी का मालिक है।

समूह के वित्तीय कारोबार की होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व भी निजी क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा और सामान्य बीमा कंपनियों में शामिल है। अलबत्ता अपने दूसरे उद्यमों के उलट समूह को अपने जीवन बीमा कारोबार में मुनाफा कमाने में मशक्कत करनी पड़ी है। इसी तरह बजाज होल्डिंग्स ऐंड इन्वेस्टमेंट्स अब देश की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली सूचीबद्ध होल्डिंग और निवेश कंपनी है। यह साल 2008 में शुद्ध रूप से होल्डिंग कंपनी बन गई, जब वाहन अनुभाग (अब बजाज ऑटो) और वित्तीय सेवा अनुभाग (अब बजाज फिनसर्व) को तत्कालीन बजाज ऑटो से अलग कर दिया गया और अलग से सूचीबद्ध किया गया।

इसके वित्तीय सेवा कारोबार की सफलता ने बजाज समूह को पूरी तरह से बदल दिया है। वित्त वर्ष 25 में वित्तीय सेवाओं का समूह के संयुक्त राजस्व में 68.3 प्रतिशत योगदान था, जबकि वित्त वर्ष 15 में यह 27.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 05 में लगभग नगण्य था। इसी अवधि के दौरान समूह की वाहन शाखा – बजाज ऑटो का योगदान वित्त वर्ष 05 के 72 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 25 में 25.5 प्रतिशत रह गया। इसने बजाज समूह को वित्तीय सेवा उद्योगों में सबसे सफल कंपनियों में से एक बनाया है।

First Published : May 13, 2026 | 9:12 AM IST