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Bernstein की रिपोर्ट में दावा: अदाणी समूह का बुरा दौर खत्म, लैंड बैंक व पोर्ट्स में दबदबा कंपनी को बनाएगा मजबूत

बर्नस्टीन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कानूनी संकटों के सुलझने और मजबूत आय वृद्धि के चलते अदाणी समूह का सबसे मुश्किल दौर अब खत्म हो गया है

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- May 22, 2026 | 11:18 PM IST

बर्नस्टीन का मानना ​​है कि अदाणी समूह के लिए सबसे बुरा दौर शायद खत्म हो गया है। उसका कहना है कि हाल में अमेरिका से जुड़े कानूनी मामलों के सुलझने के बाद कर्ज, शेयरों को गिरवी रखने और विदेश में वित्त तक पहुंच संबंधी चिंताएं काफी हद तक कम हो गई हैं। इंडिया इन्फ्रा : अदाणी समूह – द ‘हार्ड-बैंक’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई संकटों के बावजूद समूह की क्रियान्वयन क्षमता और बुनियादी ढांचे के कारोबारों में दबदबा उसकी मुख्य ताकत बनी हुई हैं।

ब्रोकरेज ने कहा कि समूह को पिछले चार वर्षों में दो बड़े झटकों का सामना करना पड़ा – जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग शॉर्ट-सेलर रिपोर्ट और नवंबर 2024 से अमेरिका के प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (सेक) और अमेरिकी न्याय विभाग से संबंधित घटनाएं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों वजह से अदाणी के शेयरों और बॉन्ड में तेज गिरावट हुई। अलबत्ता अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अब आरोप वापस लेने की दिशा में बढ़ने और सेक मामले के निपटने से ‘एक अहम चिंता दूर हो गई है।’

बर्नस्टीन ने कहा कि अमेरिकी कार्यवाही के संबंध में स्पष्टता का इंतजार करते हुए कई वैश्विक फंड समूह से दूर रहे। परिणामस्वरूप अदाणी समूह के ज्यादातर शेयर कम मांग वाले रहे। ब्रोकरेज ने तर्क दिया कि फिर भी बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को बड़े स्तर पर पूरा करने की समूह की क्षमता पर कभी गंभीर रूप से सवाल नहीं उठाया गया।

रिपोर्ट में समूह के तीन संरचनात्मक फायदों का जिक्र किया गया – सही स्थान पर बड़े भूखंडों तक पहुंच, सरकार के कारोबारों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की क्षमता और बड़े स्तर की परियोजनाओं को पूरा करने की दक्षता। बर्नस्टीन ने इन फायदों के उदाहरण के रूप में अदाणी ग्रीन के लगभग 2,50,000 एकड़ नवीकरणीय भूमि बैंक और अदाणी पोर्ट्स के कंटेनर यातायात में दबदबे का उल्लेख किया।

कर्ज के संबंध में बर्नस्टीन ने कहा कि अदाणी ग्रीन और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे कारोबारों में जोरदार पूंजीगत व्यय के कारण सितंबर 2024 से समूह का शुद्ध ऋण लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया है। अलबत्ता इस बढ़ोतरी के साथ जोरदार आय वृद्धि भी हुई है। इससे समूह का एबिटा वित्त वर्ष 23 और वित्त वर्ष 26 के बीच 22 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है।

ब्रोकरेज ने कहा किया कि हिंडनबर्ग प्रकरण के दौरान समूह का शुद्ध ऋण से एबिटा अनुपात 4.4 गुना की तुलना में तेजी से गिरकर सितंबर 2024 तक 2.7 गुना हो गया था। 

First Published : May 22, 2026 | 11:06 PM IST