कंपनियां

AI और डेटा सेंटर बूम पर दांव: लाइटस्टॉर्म का एशिया-प्रशांत में विस्तार पर जोर; IPO की तैयारी

भारत में फाइबर और क्लाउड कनेक्टिविटी मुहैया कराने वाली सिंगापुर की निजी क्षेत्र की लाइटस्टॉर्म एशिया-प्रशांत के बाजारों में विस्तार की योजना बना रही है

Published by
गुलवीन औलख   
Last Updated- April 16, 2026 | 11:05 PM IST

भारत में फाइबर और क्लाउड कनेक्टिविटी मुहैया कराने वाली सिंगापुर की निजी क्षेत्र की लाइटस्टॉर्म एशिया-प्रशांत के बाजारों में विस्तार की योजना बना रही है। वह एआई के क्षेत्र में फायदा उठाने के लिए बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की भी तैयारी कर रही है। यह कंपनी हाइपरस्केलर कंपनियों और डेटा सेंटर के लिए बैक-एंड कनेक्टिविटी बनाती है और उन्हें ठेके पर लेती है। कंपनी के सह-संस्थापक और समूह के मुख्य कार्य अ​​धिकारी व प्रबंध निदेशक अमाजित गुप्ता ने खास बातचीत में बताया कि कंपनी आईपीओ लाने पर भी विचार कर रही है।

गुप्ता ने कहा, ‘वित्तीय स्थिति की अपनी मजबूती, विकास की संभावनाओं और हमने जो परिसंप​त्ति बनाई है, उसके मद्देनजर हमारे पास पूंजी बाजार, जिसमें इक्विटी मार्केट भी शामिल है, से पैसे जुटाने के विकल्प मौजूद हैं। संभावना यह है कि हम शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकते हैं। इसलिए ये सभी विकल्प हमारे लिए खुले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि इस पर चर्चा चल रही है।’

संभावित सूचीबद्धता का मकसद केवल पूंजी की जरूरत नहीं, बल्कि मूल्य की तलाश और निवेशकों में वि​विधता लाना होगा। बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने वाली निजी इक्विटी फर्म आई-स्क्वेर्ड कैपिटल के निवेश वाली और हाल में एनआईआईएफ से रकम जुटाने वाली यह कंपनी परिचालन नकदी प्रवाह के स्तर पर मुनाफे में है और इसका डेट-इक्विटी अनुपात भी संतुलित है।

उन्होंने कहा, ‘असल में इसका मकसद मूल्य की तलाश करना और उन निवेशकों की पूंजी को सुरक्षित रूप से लौटाना है, जिन्होंने पिछले पांच से सात साल से हममें निवेश कर रखा है।’

दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग स्टेशन बनाने वाली कंपनी फिलहाल सात देशों यानी भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, गुआम, सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ बाजारों में फैले 120 डेटा सेंटरों का नेटवर्क चलाती है। साथ ही वह नेपाल और बांग्लादेश से भारत आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक को ट्रांजिट कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराती है। उसका फाइबर नेटवर्क लगभग 50,000 किलोमीटर लंबा है।

First Published : April 16, 2026 | 11:00 PM IST