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Bharti Realty: दिल्ली-एनसीआर से बाहर निकलेगी भारती रियल्टी, मुंबई और बेंगलूरु पर नजर

भारती रियल्टी अब दिल्ली-एनसीआर से बाहर मुंबई और बेंगलूरु जैसे बाजारों में अपने वर्ल्डमार्क ब्रांड को ले जाने की तैयारी कर रही है

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गुलवीन औलख   
संकेत कौल   
Last Updated- June 01, 2026 | 8:41 AM IST

भारती एंटरप्राइजेज की रियल एस्टेट कंपनी – भारती रियल्टी – अब दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बाहर अपने कारोबार के विस्तार की तैयारी में है और मुंबई और बेंगलूरु जैसे नए बाजारों में अपने अहम वाणिज्यिक ब्रांड ‘वर्ल्डमार्क’ को ले जाने पर विचार कर रही है। यह ब्रांड अभी नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे एरोसिटी के नजदीक है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुशील कुमार सायल ने विशेष बातचीत में बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी।

अब तक कंपनी का ध्यान दिल्ली-एनसीआर बाजार पर ही रहा है। नई दिल्ली के एरोसिटी में वर्ल्डमार्क उसकी सबसे बड़ी परियोजना है जो लगभग 2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र में है। सायल ने कहा कि अन्य शहरों से भी वर्ल्डमार्क जैसी परियोजनाओं की मांग की जा रही है। ऐसे में कंपनी नए बाजारों में प्रवेश की योजना बना रही है।

वर्ल्डमार्क परियोजना में दफ्तरों के साथ-साथ रिटेल कारोबार के लिए भी जगह है। इसके 14 लाख वर्गफुट के पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है और इसका संचालन अब ब्रुकफील्ड रीट कर रहा है। कंपनी का 2027 तक दूसरे चरण का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।

सायल के अनुसार, दूसरे चरण में लगभग 30 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र पहले ही किराये पर दिया जा चुका है। इसमें आगामी तीसरे चरण के प्री-लीजिंग के आंकड़े भी शामिल हैं। कंपनी का अगले एक वर्ष में और 20 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र लीज पर देने का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में लगभग 30 लाख वर्ग फुट में मॉल क्षेत्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें 3 लाख वर्ग फुट का एक इनडोर मनोरंजन केंद्र भी शामिल है। इसका निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी इस इनडोर मनोरंजन क्षेत्र के लिए कई वैश्विक कंपनियों से बातचीत कर रही है। हालांकि, सायल ने स्पष्ट किया कि भारती रियल्टी खुद मनोरंजन पार्कों के संचालन या संयुक्त विकास परियोजनाओं से नहीं जुड़ेगी ।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक रियल एस्टेट डेवलपर की तरह बड़ी मात्रा में जमीन खरीदकर रखने की कंपनी की रणनीति नहीं है। उसका लक्ष्य प्रमुख स्थानों पर सभी आवश्यक अनुमतियों के साथ परियोजनाएं शुरू करना, उन्हें कम समय में पूरा करना और फिर आगे बढ़ना है।

First Published : June 1, 2026 | 8:41 AM IST