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बड़ी लड़ाई दूसरे नहीं, तीसरे स्थान के लिए है: बर्जर पेंट्स इंडिया के CEO अभिजित रॉय

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बर्जर पेंट्स ने वित्त वर्ष 25 में शानदार वृद्धि दर्ज की, तीसरे स्थान की प्रतिस्पर्धा तेज हुई, और अगले तीन वर्षों में 2,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है।

Last Updated- June 08, 2025 | 10:17 PM IST
Berger CEO Abhijit Roy- बर्जर के सीईओ अभिजीत रॉय
बर्जर पेंट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी अ​भिजित रॉय | फाइल फोटो

वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में बर्जर पेंट्स इंडिया की राजस्व वृद्धि पांच तिमाहियों में सबसे दमदार रही और वह अन्य सूचीबद्ध प्रमुख पेंट कंपनियों से आगे रही। कोलकाता के न्यू टाउन में अपने नए मुख्यालय में बातचीत के दौरान बर्जर पेंट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी अभिजित रॉय ने ईशिता आयान दत्त को बताया कि डेकोरेटिव क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के संबंध में क्या किया गया है और क्या किया जाना है। प्रमुख अंश …

तीव्र प्रतिस्पर्धा के बीच वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में बर्जर की वृद्धि प्रतिस्पर्धियों से ज्यादा रही। आपने क्या सही कदम उठाया?

हमने बहुत अलग कुछ नहीं किया। लेकिन हमारा नेटवर्क विस्तार अच्छा रहा। हमने पेंटर-ठेकेदार वाले मोर्चे पर काफी अच्छा काम किया और हमने कुछ दिलचस्प उत्पाद पेश किए। शहरी बाजारों में गहराई तक जाने की हमारी पहल, जहां हमारी मौजूदगी कमजोर है – पुणे, मुंबई, बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद ने कुछ परिणाम दिए। इसलिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद उद्योग में अन्य सभी भागीदारों की तुलना में हमारी वृद्धि दर अपेक्षाकृत बेहतर रही। औद्योगिक क्षेत्र में हम प्रोटे​क्टिव कोटिंग में अग्रणी हैं और इस क्षेत्र में कुछ गतिविधियां बढ़ी हैं। हमें इसका कुछ लाभ मिला।

आपने बाजार में पैर जमाए। इसके लिए क्या किया?

यह मुख्य रूप से शहरी बाजार के लिए था। हमने वित्त वर्ष 25 में लगभग 10 प्रतिशत इजाफा किया। इसके परिणाम चालू वर्ष और अगले वर्ष में महसूस किए जाएंगे।

प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अगर एक्जोनोबेल का अधिग्रहण कर लेते तो क्या बाजार हिस्सेदारी हासिल करना आसान नहीं होता?

ये ऐसे फैसले होते हैं जिन्हें बहुत सोच-समझकर लेना पड़ता है। हमें इससे कुछ बिक्री जल्दी बढ़ाने में मदद मिलती, लेकिन इसमें लागत बहुत अधिक थी।

क्या आपको लगता है कि मौजूदा क्षमता के जरिये ऐसे ही परिणाम हासिल किए जा सकते हैं?

डेकोरेटिव श्रेणी में हम अब तक दूसरे स्थान वाले ब्रांड हैं। लेकिन हमारे नेटवर्क का आकार अग्रणी का एक-तिहाई है। इसलिए मेरे ब्रांड को जाना जाता है और वह (उपभोक्ताओं के) ध्यान में है। लेकिन यह उत्पाद कई जगहों पर उपलब्ध नहीं है। उत्पाद की मौजूदगी बढ़ाने से ही दायरा और पैठ बढ़ेगी। यह मौजूदा क्षमता से संभव है। अधिग्रहण ज्यादा जोखिम वाली रणनीति होती है, अपनी ताकत का उपयोग करने में फायदे हैं।

मौजूदा क्षमता विस्तार के मामले में आप अगले तीन वर्षों में लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं?

हां, हम हर माह लगभग 30,000 टन तक क्षमता बढ़ाएंगे। यह हमारी जरूरतों के मामले में काफी ज्यादा है। 

माना जा रहा है कि जेएसडब्ल्यू पेंट्स एक्जोनोबेल का अधिग्रहण करने को तैयार है। क्या आपको लगता है कि दूसरे स्थान के लिए लड़ाई तेज होगी?

दूसरे स्थान के लिए लड़ाई तेज नहीं हो रही है। लड़ाई तीसरे स्थान के लिए कंसाई नेरोलैक, बिड़ला और जेएसडब्ल्यू के बीच है। दूसरा स्थान बहुत दूर है। साल 2030 तक हमारा कुल कारोबार 20,000 करोड़ रुपये होगा। सबसे बड़ी लड़ाई तीसरे स्थान के लिए है।

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First Published - June 8, 2025 | 10:17 PM IST

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